पर्यावरण

वीडियो देखिये, आखिर किस वजह से छत्तीसगढ़ में वनरक्षक ने अपने थ्री स्टार अफसर की क्लास ले ली?

तर्कसंगत

Image Credits: Twitter/Ritesh Mishra

July 19, 2020

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छत्तीसगढ़ के कोरबा में बीट गार्ड (वनरक्षक) शेखर सिंह रात्रे का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। रात्रे ने कथित तौर पर नियम तोड़कर बांस की कटाई करवा रहे सीनियर अफसरों को न केवल जंगल के नियम-कायदे समझा दिए, बल्कि उनके खिलाफ ताबड़तोड़ प्रकरण भी दर्ज़ कर दिया। जब वो बीच जंगल अपने सीनियर्स की क्लास लगा रहे थे तो किसी ने इसका वीडियो बना लिया। यही वीडियो सोशल मीडिया पर लोग शेयर कर रहे हैं।

 

 

दरअसल पूरा मामला वनमंडल कटघोरा के बांकीमोंगरा हल्दीबाड़ी क्षेत्र का है।अवैध कटाई करवाते बीट गार्ड शेखर रात्रे ने कटघोरा रेंजर मृत्युंजय शर्मा सहित डिप्टी रेंजर और 11 मजदूरों को रंगे हाथों पकड़ लिया, जिसके बाद भारतीय वन अधिनियम 1927 के अंतर्गत धारा 26 (1) ‘क’ के तहत मामला दर्ज किया गया है।
वनमंडल कटघोरा परिक्षेत्र के रेंजर मृत्युंजय सिंह द्वारा 16 जुलाई 2020 को बांकीमोंगरा के हल्दीबाड़ी स्थिति बांस बाड़ी में 11 मजदूरों को लाकर 353 नग बांस कटवा दी गई।

विभागीय आदेश पर बीट गार्ड शेखर रात्रे बांस की कटाई के वक़्त मरवाही ट्री गार्ड लेने गया हुआ था,वापस आने के बाद गार्ड अपने कार्य स्थल पर पहुंचा तो मौके पर बांस की कटाई के लिए मजदूर बांस बाड़ी में पहुचे हुए थे।

बिना किसी आदेश के बांस की कटाई किये जाने को लेकर बीट गार्ड का दिमाग खराब हो गया और उसने पहले तो मौके पर मौजूद मजदूरों से बॉस काटने के औजाऱो की जप्ती बनाई और वन अधिनियम के तहत मामला बनाया गया और फिर मौके पर बीच बचाव करने पहुचे रेंजर मृत्युंजय सिंह के साथ भी जमकर वाद विवाद हुआ,बीट गार्ड शेखर रात्रे ने रेंजर से जब बांस कटाई करने की जानकारी चाही गई तो रेंजर ने DFO के कहने पर बॉस की कटाई किये जाने की बात कही,लिखित आदेश नहीं होना बताया।

बिना दस्तावेज के अवैध बॉस कटाई में बीट गार्ड शेखरें ने रेंजर मृत्युंजय सिंह को आरोपी बना दिया गया। पंचनामा में हस्ताक्षर करने को लेकर बीट गार्ड और रेंजर आपस में जबरदस्त उलझ गये।

इंडिया टुडे के अनुसार  बीट गार्ड शेखर का कहना था कि इस सीज़न में बांस कटाई करना ग़लत है। लेकिन आरक्षित वन में ऐसा किया गया. इसलिए धारा 26 लगाई गई। इस धारा में एक साल कैद या 15 हज़ार रुपए जुर्माना या दोनों का प्रावधान है। रात्रे ने जिन लोगों पर कार्रवाई की है, उनमें रेंजर मृत्युंजय शर्मा, डिप्टी रेंजर अजय कौशिक, बीट गार्ड रामकुमार यादव और 11 मजदूर शामिल हैं. डिविज़नल फॉरेस्ट ऑफिसर सना फारुखी ने एसडीएम फॉरेस्ट को पूरे मामले की जांच के आदेश भी दे दिए हैं।

इतना कुछ होने के बाद मामला तूल पकड़ लिया है, इंतज़ार इस बात की होगी की आखिर इस अवैध बॉस कटाई मामले में कार्यवाही किस किस के उपर होगी।

 

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