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वीडियो देखिये, लखनऊ: मां-बेटी आत्मदाह प्रयास के मामले में AIMIM, कांग्रेस नेता समेत 4 पर FIR दर्ज

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Image Credits: NDTV

July 19, 2020

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उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मां-बेटी द्वारा मुख्यमंत्री कार्यालय लोकभवन के सामने खुद पर केरोसिन छिड़ककर आत्मदाह का प्रयास करने की चौंकाने वाली घटना सामने आई है।

लोगों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने आग बुझाकर दोनो मां-बेटी को सिविल अस्पताल में पहुंचाया, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। घटना से पूरे प्रशासनिक अमले में हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस घटना के पीछे के कारणों की जांच में जुटी हुई है।

क्या है मामला?

मीडया रिपोर्ट्स के मुताबिक संयुक्त पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था नवीन अरोरा के मुताबिक मां-बेटी अमेठी के जामो की रहने वाली हैं. वहां कुछ लोगों से नाली का विवाद था। इसे लेकर मारपीट हुई थी। बेटी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया था। दोनों वहां की पुलिस व प्रशासन पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए शुक्रवार शाम को लोकभवन के सामने आत्मदाह का प्रयास किया है।

पीड़िताओं के मुताबिक जब अमेठी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की तो उच्चाधिकारियों से भी संपर्क किया। पीड़िता ने बताया कि वह आईजी रेंज के कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगा चुकी हैं। लेकिन वहां न्याय नहीं मिला। पुलिस व प्रशासन सीधे दबंगों की मदद कर रहा है।

जामो पुलिस ने सुनील,  राजकरन, राममिलन, के खिलाफ मारपीट व छेड़छाड़ का मुकदमा दर्ज कर लिया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की। वहीं एसडीएम ने भी जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर की गई शिकायत पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया। जिसके कारण दबंग लगातार प्रताड़ित करते आ रहे हैं।

 

 

अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त चिरंजीव नाथ सिन्हा ने इंडिया टुडे को बताया कि अमेठी जिले के जामो थाना क्षेत्र निवासी सोफिया (56) अपनी बेटी गुड़िया (28) के साथ शुक्रवार शाम करीब 05:30 बजे लोकभवन के सामने पहुंची थी।

इस दौरान दोनों ने पहले खुद पर केरोसिन छिड़क लिया और फिर आग लगा दी। आग की लपटों से घिरी दोनों मां-बेटी को देखकर वहां पहुंची पुलिस ने आग बुझाई और फिर सिविल अस्पताल में भर्ती कराया।

ADCP सिन्हा ने बताया कि पुलिस और प्रशासन की अनदेखी के चलते मां-बेटी द्वारा इस तरह का खौफनाक कदम उठाया जाना गंभीर मामला है। अमेठी पुलिस को मामले की जानकारी दी है तथा महिला की जमीन को लेकर चल रहे विवाद की पूरी जानकारी मंगवाई गई है।

उन्होंने बताया कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि चिकित्सा टीम मां-बेटी की स्थिति पर नजरें बनाए हुए हैं।

 

 

नेता और पुलिस पर कार्रवाई

डेक्कन हेराल्ड की खबर के मुताबिक मां-बेटी द्वारा लखनऊ में आत्मदाह की कोशिश के मामले में अमेठी के जामो थाने के प्रभारी निरीक्षक सहित तीन पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया गया है तथा लखनऊ में कांग्रेस नेता और एमआईएम नेता समेत चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

जिलाधिकारी अरूण कुमार एवं पुलिस अधीक्षक ख्याति गर्ग ने बताया कि कि साफिया का उसके पड़ोसी से नाली को लेकर कोई विवाद था। इस मामले में नौ जुलाई को मारपीट भी हुई थी। उन्होंने बताया कि पुलिस ने इस मामले में नियमानुसार कार्रवाई की थी।

गर्ग ने बताया कि गुड़िया (55 वर्ष) एवं उसकी मां ने आत्मदाह के प्रयास से संबंधित कोई पत्र नहीं दिया था और न ही खुफिया विभाग के पास इसकी कोई जानकारी थी।

पुलिस के मुताबिक, इस मामले में अमेठी में AIMIM जिला अध्यक्ष कदीर खान, अमेठी कांग्रेस के नेता अनूप पटेल का नाम सामने आया है। इसके अलावा आसमा नाम की महिला और सुल्तान का नाम इस षडयंत्र में आया है। थाना हजरत गंज में इस मामले में केस दर्ज किया गया है।

उन्होंने बताया कि इस मामले में थाना प्रभारी जामो रतन सिंह, एक उप निरीक्षक एवं एक सिपाही को निलंबित कर दिया गया है। मामले की जांच अपर पुलिस अधीक्षक को सौंपी गयी है और जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जायेगी।

पुलिस आयुक्त सुजीत पांडे ने लखनऊ में पत्रकारों को बताया, ‘ऐसी जानकारी मिली है कि यह पूरी घटना प्रथम दष्ट्या एक साजिश है, जिसके तहत महिला को कुछ लोगों ने इस काम के लिये उकसाया।’

 

अनूप पटेल का इंकार

इधर ज़ी न्यूज़ के मुताबिक अनूप पटेल (यूपी कांग्रेस प्रवक्ता) का कहना है कि अमेठी की दो पीड़िताओं द्वारा न्याय न मिलने पर विधानसभा के समक्ष आत्मदाह करना योगी सरकार के भयानक जंगलराज का सबूत है। मैं पीड़िताओं के बेहतर स्वास्थ्य के लिये प्रार्थना करता हूं।

उन्होंने आगे कहा, ‘पीड़िताओं को अमेठी प्रशासन से न्याय न मिलने की वजह से वे दर-दर भटक रही थी. कुछ दिन पहले पीड़िता कांग्रेस कार्यालय आकर न्याय की फरियाद किया था। मैंने उस दिन पीड़िता का पक्ष मीडिया के समक्ष रखने में सहयोग किया था।’ उसके बाद पीड़िता से किसी भी तरह का संपर्क नही हुआ है।

पटेल आगे कहते हैं, ‘लखनऊ पुलिस द्वारा मेरे ऊपर जो आरोप लगाये गये वे पूरी तरह से बेबुनियाद और मनगढंत है मैंने कल किसी भी मीडियाकर्मी को फोन नही किया.सरकार और प्रशासन अपनी असफलता को विपक्ष पर मढ़ रही हैं।’

दैनिक जागरण की खबर के अनुसार महानगर कांग्रेस और अमेठी से आए नेताओं को अमेठी की आत्मदाह पीड़ितों से मिलने से रोका गया है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार सच सामने नहीं आने देना चाहती है। कांग्रेस नगर अध्यक्ष मुकेश सिंह चौहान ने बताया कि अमेठी के स्थानीय प्रशासन व पुलिस से मदद न मिल पाने से जामों थाना अंतर्गत पीड़ित परिवार की दो महिलाओं ने सूबे के मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाते-लगाते विवश हो गई। कोई सहारा नही मिला तो लोक भवन के सामने आत्मदाह का प्रयास किया।

विपक्ष का आरोप

घटना को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। बसपा सुप्रीमो मायावती ने ट्वीट किया, ‘जमीनी विवाद में अमेठी जिला प्रशासन से न्याय न मिलने पर मां-बेटी को लखनऊ में मुख्यमंत्री कार्यालय के सामने आत्मदाह का प्रयास करने को मजबूर होना पड़ा।

 

घटना को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने ट्वीट किया, ‘लोकभवन के सामने दो महिलाओं द्वारा आत्मदाह के प्रयास की घटना सोती हुई सरकार को जगाने के लिए क्या काफी नहीं है या फिर असंवेदनशील सरकार एवं मुख्यमंत्री किसी और बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहे हैं। क्या उत्तर प्रदेश में सरकार नाम की कोई चीज़ है!’

उन्होंने सरकार से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए पीडि़तों को न्याय दिलाने की मांग की है।

डॉक्टरों केमुताबिक महिला 80 प्रतिशत तक जल गई है। जबकि उनकी बेटी 40 प्रतिशत जली है। दोनों की हालत गंभीर बनी हुई है। इलाज किया जा रहा है।

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