सचेत

कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट 2019 कल हुआ लागु भ्रामक विज्ञापन वालो की खैर नहीं

तर्कसंगत

Image Credits: RSTV

July 21, 2020

SHARES

उपभोक्ता अधिकारों को नई ऊंचाई देने वाले उपभोक्ता संरक्षण कानून, 2019 के प्रावधान कल से प्रभावी हो गए। यह उपभोक्ता संरक्षण कानून, 1986 का स्थान लेगा। नए कानून के तहत उपभोक्ता किसी भी उपभोक्ता अदालत में मामला दर्ज करा सकेगा। भ्रामक विज्ञापनों पर जुर्माना एवं जेल जैसे प्रावधान भी इसमें जोड़े गए हैं। पहली बार ऑनलाइन कारोबार को भी इसके दायरे में लाया गया है।

सबसे बड़ा बदलाव ये हुआ है कि अब गुमराह करने वाले विज्ञापन दिखाने वालों की खैर नहीं। अगर गलत पाए गए तो उन्हें जेल की हवा भी खानी पड़ सकती है। इतना ही नहीं, नए नियमों के तहत एक बड़ी राहत ये मिल रही है कि ग्राहक अब वहां से शिकायत दाखिल कर सकेगा, जहां वह रहता है, ना कि उसे वहां जाना जरूरी होगा, जहां से कोई सामान खरीदा है। ये नया कानून 34 साल पुराने 1986 के कानून की जगह लेगा। खुद केंद्रीय उपभोक्ता मामलों, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री रामविलास पासवान इस बारे में ट्वीट कर के सूचना दे चुके हैं।

 

 

नए कानून की ये हैं विशेषताएं

-नए कानून में उपभोक्ताओं को भ्रामक विज्ञापन जारी करने पर भी कार्रवाई की जाएगी।
-उपभोक्ता देश के किसी भी कंज्यूमर कोर्ट में मामला दर्ज करा सकेगा।
-नए कानून में Online और Teleshopping कंपनियों को पहली बार शामिल किया गया है।
-खाने-पीने की चीजों में मिलावट होने पर कंपनियों पर जुर्माना और जेल का प्रावधान।
-कंज्यूमर मीडिएशन सेल का गठन. दोनों पक्ष आपसी सहमति से मीडिएशन सेल जा सकेंगे।
-PIL या जनहित याचिका अब कंज्यूमर फोरम में फाइल की जा सकेगी. पहले के कानून में ऐसा नहीं था।
-कंज्यूमर फोरम में एक करोड़ रुपये तक के केस दाखिल हो पाएंगे।
-स्टेट कंज्यूमर डिस्प्यूट रिड्रेसल कमीशन में एक करोड़ से दस करोड़ रुपये तक के केसों की सुनवाई होगी।
-नेशनल कंज्यूमर डिस्प्यूट रिड्रेसल कमीशन में दस करोड़ रुपये से ऊपर केसों की सुनवाई।

 

ऐडवर्टाइजिंग स्‍टैंडर्ड्स काउंसिल ऑफ इंडिया ने किया है स्वागत

विज्ञापनों की प्रमाणिकता की जांच करने वाली संस्था ‘ऐडवर्टाइजिंग स्‍टैंडर्ड्स काउंसिल ऑफ इंडिया’ (ASCI) ने उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 (Consumer Protection Act 2019) का स्वागत किया है। ASCI ने उम्मीद जताई है कि नए अधिनियम से भ्रामक विज्ञापनों पर महत्वपूर्ण असर पड़ेगा, जो दिनों काफी छाये हुए हैं। ASCI ने कहा कि इसकी भूमिका सरकार की पूरक होगी और जिम्मेदार विज्ञापनों को बढ़ावा देने में मदद करेगी।

‘ऐडवर्टाइजिंग स्‍टैंडर्ड्स काउंसिल ऑफ इंडिया’ के चेयरमैन रोहित गुप्ता का कहना है, ’20 जुलाई 2020 से अस्तित्व में आने वाले कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट का ASCI स्वागत करती है। विज्ञापन के स्व-नियामक निकाय के रूप में हमारे प्रयास, उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए भी हैं। हमें उम्मीद है कि इस एक्ट से भ्रामक विज्ञापनों के नियंत्रण की दिशा में काफी प्रभाव पड़ेगा।’

अपने विचारों को साझा करें

संबंधित लेख

लोड हो रहा है...