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मुंबई, तेलंगाना में रेमडेसिवीर की कालाबाज़ारी करने वाला गैंग पुलिस की गिरफ़्त में

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Image Credits: Hindustan/Navbharat Times

July 21, 2020

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देश में कोरोना वायरस का कहर लगातार बढ़ता ही जा रहा है. महाराष्ट्र कोरोना वायरस के कारण सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य है. वहीं अब महाराष्ट्र में कोरोना के इलाज में कारगर साबित हो रही रेमडेसिवीर दवा की कालाबाजारी भी शुरू हो गई है. फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) ने मुंबई में शनिवार को रेमडेसिवीर की कालाबाजारी में शामिल 7 लोगों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के एक अधिकारी ने रविवार को बताया कि आरोपी यह इंजेक्शन 30,000 रुपए में बेच रहे थे जबकि इसकी अधिकतम खुदरा कीमत 5400 रुपए है.

 

 

एफडीए की टीम ने अब तक रेमडेसिवीर की 13 शीशियों को जब्त किया है. बता दें कि मुंबई में रेमडेसिवीर की ब्लैक मार्केटिंग की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं. इसको लेकर अब डीसीजीआई ने स्वास्थ्य मंत्रालय को पत्र भी लिखा है.

हिंदुस्तान अखबार को अपराध शाखा के अधिकारी ने बताया कि  सूचना के आधार पर, एफडीए के एक अधिकारी ने इंजेक्शन खरीदने के लिए शनिवार को फोन पर एक व्यक्ति से संपर्क किया. दवा लेने के लिए एक व्यक्ति को ग्राहक के रूप में उपनगर मुलुंद भेजा गया. इंजेक्शन देने आए दो व्यक्तियों को मौके से ही हिरासत में ले लिया गया.

उन्होंने बताया कि आरोपियों की पहचान विकास दुबे और राहुल गाडा के रूप में हुई है. उन्होंने बताया कि इन आरोपियों से हुयी पूछताछ के आधार पर उपनगर घाटकोपर में स्थित विनिर्माण इकाई डेल्फा फार्मास्यूटिकल्स से पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया. अधिकारियों ने बताया कि उनकी पहचान भवेश शाह, आशीष कनौजिया, रितेश थोम्बरे, गुरविदंर सिंह और सुधीर पुजारी के रूप में हुई है. उन्होंने बताया कि सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है.

कोरोना वायरस की फिलहाल कोई वैक्सीन नहीं है. ऐसे में रेमडेसिवीर दवा कोरोना वायरस के इलाज के लिए मरीजों की दी जा रही है. वहीं अब कोरोना वायरस के इलाज में कारगर दवा रेमडेसिवीर की मुंबई में कमी होने लगी है. ऐसे में कुछ लोग इस दवा की ब्लैक में मंहगे दामों में बेच रहे हैं.

 

तेलंगाना में भी गिरफ्तारी

तेलंगाना में COVID-19 की एक्सपेरिमेंटल दवा रेमडेसिवीर बेचने को अधिक दामों में बेचने के आरोप में 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. यह दवाई कोविड-19 के इलाज में इस्तेमाल होती है. इसकी अधिकतम खुदरा कीमत 5400 रुपये है जबकि आरोपी इससे काफी अधिक कीमत पर टैबलेट बेच रहे थे. घटना मल्काजगिरि की है.

स्पेशल ऑपरेशंस टीम (SOT) ने छापेमारी के दौरान ऐंटीवायरल ड्रग्स कोविफोर (रेमडेसिवीर) और फेविपिरेविर टैबलेट को MRP से अधिक कीमत पर बेचने के आरोप में 4 लोगों को गिरफ्तार किया.

 

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