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वीडियो देखें, मुंबई कूपर अस्पताल में भर्ती होने के आधे घंटे में मरीज़ की मौत, नाराज रिश्तेदारों का हंगामा

तर्कसंगत

Image Credits: Mumbai Live

July 22, 2020

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कोरोना महामारी के बीच अस्पताल के डॉक्टर दिन रात सेवा कर लोगों की जान बचा रहे हैं. इस बीच उनके साथ दुर्व्यवहार की भी घटनाएं सुनने को मिल रही है. ऐसा ही कुछ एक मामला मुंबई के विर्ले पार्ले इलाके में स्थित कूपर अस्पताल से आया है.

मुंबई के कूपर अस्पताल में एक मरीज की मौत हो गई। इसके बाद उसके परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा मचाया। परिजनों ने आरोप लगाया है कि डॉक्टर के द्वारा इंजेक्शन लगाने के बाद ही उसकी मौत हुई।

 

 

मृतक के रिश्तेदारों का आरोप है कि डॉक्टर द्वारा पीड़ित को एक इंजेक्शन लगाया गया जिसके बाद उनकी मृत्यु हो गई। जिसके बाद मृतक के रिश्तेदार अस्पताल में हंगामा करने के साथ ही अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने हुए नजर आये। अस्तपाल में डॉक्टर को लेकर अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए उनका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है।

बीएमसी ने कहा कि उस मरीज के मुंह से खून बह रहा था। इसलिए तुरंत उसे प्राइमरी एड दिया गया। उस मरीज में निमोनिया के लक्षण दिखाई दे रहे थे। बीएमसी ने कहा कि निमोनिया और कोविड के लक्षण काफी मिलते-जुलते हैं। उसकी मौत की वजह को निमोनिया और कोरोना संदिग्ध बताकर रजिस्टर्ड किया गया है। इसके बाद आईसीएमआर की गाइडलाइन के अनुसार, उस मरीज की बॉडी को पुलिस को सौंप दिया गया। लेकिन उसके परिजन भड़क उठे।

 

बीएमसी ने कहा कि मरीज को आईसीएमआर की गाइडलाइन के तहत ही उपचार दिया गया। उसे तुरंत भर्ती किया गया और जरूरी उपचार किया गया। बीएमसी ने कहा कि ये बिल्कुल सही नहीं है कि अस्पताल ने कोई लापरवाही दिखाई। अस्पताल और नगरपालिका प्रशासन पर लगाए गए आरोप दुर्भाग्यपूर्ण हैं।

बीएमसी ने कहा कि मरीज के एक्स-रे से पता चलता है कि वह न्यूमोनिया का शिकार था। कोविड-19 के कुछ लक्षण न्यूमोनिया से मिलते जुलते हैं। कोविड में न्यूमोनिया के कारण मरीज की मौत हो गई। मृतक के परिजनों ने शव दफनाने की मांग की। परिजनों ने आरोप लगाया कि मृतक को घर ले जाने की इजाजत नहीं दी गई। नियम के मुताबिक अस्पताल ने पुलिस को शव सौंप दिया।

इस घटना पर नीतीश राणे ने मंगलवार को दो ट्वीट किए और सरकार पर निशाना साधा। ट्वीट में राणे ने कहा कि कूपर अस्पताल में बुखार से पीड़ित एक मरीज दाखिल हुआ था। डॉक्टरों ने उसे इंजेक्शन दिया लेकिन आधे घंटे के अंदर उसकी मौत हो गई। बाद में अस्पताल ने बताया कि मरीज कोविड से संक्रमित था। अगर यह सच है तो बहुत दुख की बात है।

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