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जल्द ही भारत में आएगी ऑक्सफोर्ड की कोरोना वायरस वैक्सीन, 1000 रूपये होगी कीमत

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Image Credits: Sanjevani

July 22, 2020

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मंगलवार को ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने कोरोना वैक्सीन को लेकर दूसरे फेज के ट्रायल के पूरे होने की खुशखबरी दी थी। अब देश से भी कोरोना वायरस वैक्सीन को लेकर अच्छी खबर सुनने को मिली है। ऑक्सफोर्ड की इसी वैक्सीन का भारत में उत्पादन शुरू हो चुका है।

हिंदुस्तान अख़बार के अनुसार सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) ने कहा है कि कंपनी इस साल दिसंबर तक ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और एस्ट्राजेनेका द्वारा विकसित प्रायोगिक कोविड -19 वैक्सीन की 3 से 4 मिलियन खुराक का उत्पादन करने जा रही है। SII के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, अदार पूनावाला ने कहा कि कोविशिल्ड पहली कोविड -19 वैक्सीन है, जिसे कि यूके और भारत दोनों में परीक्षण सफल होने पर उन्हें लॉन्च किए जाने की उम्मीद है। भारत में इस वैक्सीन का नाम ‘कोविशील्ड’ होगा और इसकी कीमत 1,000 रुपये होगी।

 

‘द लांसेट’ में प्रकाशित हुए थे नतीजे

सोमवार को ‘द लांसेट’ मेडिकल जर्नल में ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की कोरोना वायरस के इंसानी ट्रायल के पहले चरण के नतीजे प्रकाशित हुए थे। वैक्सीन लोगों में एंटी-बॉडीज और T-सेल दोनों बनाने में कामयाब रही है और उनमें वायरस के खिलाफ इम्युनिटी देखने को मिली। वैक्सीन का तीसरे चरण का ट्रायल कई देशों में जारी है और सितंबर तक इसके नतीजे आने की संभावना है। इस चरण के नतीजों के बाद ही वैक्सीन कितनी कारगर है, यह साफ होगा।

यह किसी भी गंभीर साइड इफेक्ट का संकेत नहीं दे रहा है और एंटीबॉडी बना रहा है सीरम इंस्टीट्यूट, जो दुनिया का सबसे बड़ा वैक्सीन निर्माता है, ने कहा कि भारत में सभी लोगों को टीका लगाने में दो साल तक लग सकते हैं।

भारत के साथ अनुबंध

ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने अपनी इस वैक्सीन का लाइसेंस एस्ट्राजेनेका नामक ब्रिटिश कंपनी को दिया है और इस कंपनी ने वैक्सीन के निर्माण के लिए कई कंपनियों से साझेदारी की है, जिनमें भारत का सीरम इंस्टीट्यूट भी शामिल है। सीरम इंस्टीट्यूट सालाना एक अरब डोज बनाएगी जिनमें से आधी भारत को मिलेंगी। पूनावाला ने कहा कि भारत में अगस्त में वैक्सीन का तीसरे चरण का ट्रायल शुरू होगा और इसे पूरा करने में लगभग दो-ढाई महीने लगेंगे। उन्होंने कहा कि अगर ट्रायल के नतीजे सकारात्मक रहे और ड्रग कंट्रोलर ऑफ इंडिया इसे मंजूरी देती है तो नवंबर में हम वैक्सीन लॉन्च कर देंगे।

भारत के लोगों के लिए सीरम इंस्टीट्यूट में निर्मित कोविशिल्ड का आधा स्टॉक तैयार किया जाएगा. जिसका मतलब है कि प्रत्येक महीने लगभग 60 मिलियन शीशियों में से, भारत को 30 मिलियन मिलेंगे।

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