सप्रेक

AIIMS के जूनियर डॉक्टर ने मरीज़ को खुद का खून भी दिया फिर ऑपरेशन कर जान भी बचाई

तर्कसंगत

Image Credits: Hindustan Times/India Today

July 23, 2020

SHARES

एक चिकित्सक ने मानवता की मिसाल पेश की है। दरअसल, अस्पताल में ऑपरेशन के लिए पहुंचे मरीज को खून की जरूरत थी, लेकिन साथ में कोई रक्त दान करने वाला नहीं था। खून चढ़ाने के एक रक्तदाता की जरूरत थी। इसकी वजह से ऑपरेशन में देरी हो रही थी। ऐसे में मरीज का ऑपरेशन करने वाले डॉ. मोहम्मद फवाद ने पहले खुद रक्तदान किया। इसके बदले मरीज को उसके ब्लड ग्रुप का रक्त मिल गया। इसके बाद डॉ. मोहम्मद फवाद ने उसका ऑपरेशन किया। डॉक्टर का यह प्रयास अन्य लोगों के लिए सबब बनेगा।

मंगलवार को एम्स के सर्जरी विभाग में एक शख्स को भर्ती कराया गया। वह बाएं पैर में संक्रमण के कारण सेप्टिक शॉक से पीड़ित था। उसे तुरंत खून चढ़ाने की जरूरत थी। इसके बाद डॉक्टर मोहम्मद फवाज आगे आएं और उन्होंने रक्तदान किया।

डॉक्टर मोहम्मद फवाज ने कहा कि मरीज अपनी पत्नी के साथ आया था, जो रक्तदान करने के लिए शारीरिक रूप से फिट नहीं थी। मैं उसे ऑपरेशन थियेटर में ले जाना चाहता था और संक्रमित हिस्सों को निकालना चाहता था ताकि उसकी हालत को स्थिर किया जा सके।

इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार इस बाबत डॉ. मोहम्मद फवाद ने बताया कि अस्पताल में भर्ती मरीज की हालत काफी खराब थी। ऐसे में उसको तुरंत रक्त मिलना काफी जरूरी था, साथ ही उसका ऑपरेशन भी जल्द किया जाना आवश्यक था। ऐसे में काफी तलाश के बाद भी जब कोई रक्त दाता नहीं मिला तो उन्होंने निर्णय लिया कि वह खुद ही मरीज के लिए रक्तदान करेंगे। ब्लड बैंक से मरीज के ग्रुप का रक्त लेकर फिर ऑपरेशन शुरू किया गया, जो सफल रहा।

डॉक्टर मोहम्मद फवाज ने इंडियन एक्सप्रेस से कहा कि महामारी के समय लोगों को एक-दूसरे तक पहुंचना मुश्किल हो रहा है। एक डॉक्टर के लिए मुख्य उद्देश्य मरीजों की जिंदगी को बचाना है। अस्पताल में आने वाले प्रत्येक रोगी को सबसे अच्छे प्रयासों के साथ इलाज किया जाना चाहिए।

अपने विचारों को साझा करें

संबंधित लेख

लोड हो रहा है...