ख़बरें

अब मध्य प्रदेश में पत्रकार की हत्या, अपने ऊपर हमले की आशंका वीडियो द्वारा प्रशासन को भी बताई थी

तर्कसंगत

Image Credits: MapsofIndia/Twitter/Yash Bhartiya

July 24, 2020

SHARES

अभी गाज़ियाबाद के पत्रकार स्व. विकास जोशी की हत्या की खबर से पत्रकार जगत सम्भला ही था कि मध्य प्रदेश में एक पत्रकार की गोली मारकर हत्या कर दी गई. पुलिस का कहना है कि पुरानी रंजिश के चलते पत्रकार को निशाना बनाया गया. वहीं पत्रकार का एक पुराना वीडियो सामने आया है, जिसमे वह कुछ लोगों का नाम लेकर अपनी जान को खतरा बता रहे हैं. एसपी और कलेक्टर से न्याय की गुहार लगा रहे हैं.

निवाड़ी जिला मुख्यालय से लगभग 35 किलोमीटर दूर पुतरीखेरा गांव में 22 जुलाई की शाम पत्रकार सुनील तिवारी पर कुछ लोगों ने कथित तौर पर लाठियों से हमला किया और उसके बाद गोली मार दी, गंभीर हालत में अस्पताल में पत्रकार की मौत हो गई.

 

 

पीटीआई की खबर के मुताबिक पुलिस अधिकारी बलराम सिंह परिहार ने बताया बुधवार शाम सुनील तिवारी निवाड़ी से अपने भाई आशीष के साथ बाइक से अपने गांव पुतरीखेरा जा रहे थे. तभी गांव से पहले आरोपियों ने उन पर लाठियों से हमला कर दिया और बाद में सुनील को गोली मार दी. हमले के बीच आशीष मौके से भागकर गांव आया और अपने परिजनों को लेकर वापस घटनास्थल पर पहुंचा. सुनील की हालत गंभीर थी. उन्हें झांसी मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.

बृहस्पतिवार को एडिशनल एसपी प्रतिभा त्रिपाठी ने बताया, ‘मैंने घटनास्थल का मुआयना किया है. प्राथमिक जांच में यह मामला जमीन को लेकर पुरानी रंजिश का लगता है. हमारे पास जमीन विवाद से संबंधित शिकायत पहुंची थी. हमने उसे लेकर कार्रवाई की थी.’

 

 

उल्लेखनीय है कि सुनील ने करीब दो माह पहले तत्कालीन जिला पुलिस अधीक्षक मुकेश श्रीवास्तव को आवेदन देकर आरोपियों से जान का खतरा होने की बात कही थी. सुनील, ग्वालियर से प्रकाशित एक दैनिक अखबार के निवाड़ी जिले के प्रतिनिधि थे.

लाइव हिंदुस्तान के मुताबिक सुनील तिवारी बाइक एजेंसी के मालिक थे. इसके अलावा एक दैनिक समाचार पत्र में पत्रकार भी थे.

अमर उजाला ने बताया कि जमीनी विवाद को लेकर सुनील तिवारी का गांव के कुछ लोगों से करीब दो साल से विवाद चल रहा था. पुलिस से शिकायत के बाद भी हमलावरों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही थी. उनको अपनी हत्या का भी डर था, इसे लेकर पुलिस से शिकायत की थी, कोई कार्रवाई न होने के बाद सुनील ने कई वीडियो बनाकर फेसुबक पर भी डाले थे.

सुनील की मौत पर मीडिया संगठनों ने हत्या की निंदा करते हुए आक्रोश जताया. पुलिस आरोपियों की सरगर्मी से तलाश कर रही है.

अपने विचारों को साझा करें

संबंधित लेख

लोड हो रहा है...