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WHO की तारीफ के बाद धारावी के लोगों ने कोरोना रोगियों के लिए एक और बढ़िया काम किया है

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Image Credits: magzter/123rf

July 25, 2020

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एशिया के सबसे बड़े स्लम धारावी ने कोरोनो वायरस के संक्रमण के तेजी से बढ़ते मामलों के बाद सरकार की रातों की नींद को हराम की थी। हालांकि, बाद में सरकार के ठोस प्रयासों से धारावी की स्थिति बदल गई और अब 85% रिकवरी दर के साथ एक सफल कहानी के रूप में देखी जा रही है।

महामारी से निपटने के प्रयासों से विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) को प्रभावित करने के बाद धारावी अब प्लाज्मा दान में भी आगे है।

बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने गुरुवार को धारावी के कामराज स्कूल में प्लाज्मा दान के लिए अपनी तरह का पहला स्क्रीनिंग शिविर स्थापित किया। इसमें कोरोना वायरस को मात देने वाले लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित किया गया।

हालाँकि, अन्य बीमारियों से ग्रसित मरीजों को इस प्रक्रिया से दूर रखा गया था। अब लिए गए सैंपल की KEM, सायन या नायर अस्पताल में जांच के बाद योग्य लोगों को प्लाज्मा दान के लिए बुलाया जाएगा।

अधिकारियों ने शिविर में करीब 350 लोगों के प्लाज्मा दान देने की उम्मीद जताई है।

धारावी के एक 42 वर्षीय व्यक्ति ने टाइम्स ऑफ़ इंडिया  से कहा कि वह उन कठिनाइयों को समझते हैं जिनसे मरीज गुजरते हैं। अगर वे किसी और के ठीक होने में मदद कर सकते हैं तो उन्हें बहुत खुशी होगी।

गौरतलब है कि प्लाज्मा थेरेपी को गंभीर रूप से बीमार कोरोना वायरस रोगियों के उपचार के लिए जाना जाता है, लेकिन डोनर की कमी के कारण यह बहुम मुश्किल प्रकिया है।

मुंबई में अभी करीब 10 बैंकों को लाइसेंस दिया गया है। ठीक होने वाले मरीजों के प्लाज्मा दान करने से पलटने का भी डर रहता है।

 BMC ने 2,121 रिकवर मरीजों में से 450 से संपर्क किया। जी-नॉर्थ वार्ड के सहायक नगर आयुक्त किरण दिघावकर ने कहा कि धारावी में 75% मरीज 21-60 आयु वर्ग में आते हैं। उनमें से अधिकांश आवश्यक या स्वास्थ्य कार्यकर्ता थे।

उन्होंने कहा कि इन लोगों के कोरोना महामारी के संकट को करीब से देखने के कारण उन्हें दान के लिए तैयार करना आसान था। दानदाताओं को प्रशंसा प्रमाणपत्र भी दिए जाएंगे।

मुंबई में 10 से अधिक ब्लड बैंकों को कोरोना से रिकवर हुए मरीजों के खून से प्लाज्मा लेने का लाइसेंस मिला है, लेकिन अभी तक डोनेट करने वालों की कमी के कारण इस थेरेपी को करने में देरी हो रही है। रिकवर हुए मरीज पहले तो डर के कारण प्लाज्मा डोनेट नहीं कर रहें हैं या फिर उन्हें उनके परिवार की तरफ से ऐसा न करने के लिए कहा जा रहा है।

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