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कर्नाटक में गायब हो गए 3000 से अधिक कोरोना मरीज़, प्रशासन ढूंढने में भी नाकाम

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Image Credits: Atalsandesh/Aaj Tak/Deccan Herald

July 27, 2020

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कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरू में 3,000 से अधिक मरीजों का कुछ अता-पता नहीं है और प्रशासन उन्हें ढूढ़ने में लगा हुआ है।

इनमें से कई मरीजों ने टेस्ट के समय अपने गलत मोबाइल नंबर और घर का पता दिया और रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद अब लापता हो गए हैं।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, बेंगलुरु में 3,338 कोरोना मरीज हैं, जिनका अभी तक पता नहीं लगाया जा सका है.

बृहत बेंगलुरु महानगरपालिका (बीबीएमपी) के कमिश्नर एन. मंजूनाथ प्रसाद ने बताया, ‘शुरुआत से लेकर अब तक ऐसे 3,338 कोरोना संक्रमित मरीज हैं, जिनका अभी तक पता नहीं लगाया जा सका है. हम इस मामले को सुलझाने में लगे हैं.’

अधिकारियों ने कहा कि उनके पास लापता मरीजों की गतिविधियों को ट्रैक करने का कोई साधन नहीं है और रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उन्होंने खुद को क्वारंटाइन किया या नहीं, इसके बारे में भी किसी को कुछ पता नहीं है।

उप मुख्यमंत्री डॉ अश्वत नारायण ने कहा, “हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी संक्रमित व्यक्तियों का पता लगाया जाए और उन्हें क्वारंटाइन किया जाए। हम मामले को प्राथमिकता दे रहे हैं।”

एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, इन लापता कोरोना संक्रमित मरीजों का पता लगाया जा रहा है। यह संख्या शहर में अब तक कोरोना संक्रमण के कुल मामलों का लगभग सात फीसदी है।

बेंगलुरु में बीते 14 दिनों में संक्रमितों की संख्या बढ़कर लगभग 27,000 तक पहुंच गई है। कर्नाटक में कोरोना के लगभग आधे मामले अकेले बेंगलुरु से दर्ज हुए हैं।

इस पूरे प्रकरण के बाद प्रशासन सावधान हो गया है और अब से किसी भी व्यक्ति का कोरोना वायरस टेस्ट करने से पहले उनसे सरकारी पहचान पत्र मांगा जाएगा और उनके मोबाइल नंबर को वेरिफाई किया जाएगा।

स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि उनके पास इन मरीजों के बारे में पता लगाने का कोई जरिया नहीं है। ये भी पता नहीं चल सका है कि इन कोरोना संक्रमितों ने खुद को क्वारंटीन किया है या नहीं।

कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डॉ. अश्वत नारायाण ने कहा, ‘हमें ये सुनिश्चित करना होगा कि सभी संक्रमित लोगों का पता चल सके और इन्हें क्वारंटीन किया जाए। हम इस काम को प्राथमिकता दे रहे हैं ताकि इनका जल्द पता लगाया जा सके।’

 

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