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मणिपुर: CM की शिकायत कर चुकि ASP थोउनाओजम बृंदा को लॉकडाउन के उल्लंघन के आरोप में हिरासत में रखा

तर्कसंगत

Image Credits: NewIndianExpress/Facebook/Thounaojam Brinda

July 31, 2020

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महिला पुलिस अधिकारी थोउनाओजम बृंदा एक बार फिर चर्चा में हैं, दरअसल खबर आ रही है कि पुलिस अधिकारी थोउनाओजम बृंदा और दो अन्य को इंफाल वेस्ट पुलिस ने मंगलवार को आरोप लगाया कि उन्होंने लॉकडाउन के नियमों का उलंघन किया है.

इम्फाल फ्री प्रेस के अनुसार, सोमवार की रात को संगिप्राउ लामखाई में लॉकडाउन प्रतिबंधों का उल्लंघन करने पर बृंदा और उसके साथियों को अस्थायी रूप से हिरासत में लिया गया था. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक उन्हें लॉकडाउन के नियम को तोड़ने के लिए अस्थायी रूप से पुलिस ने अपने हिरासत में लिया था. कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए लागू लॉकडाउन लगाया गया है. वहीं इन नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी किया गया.

28 जुलाई को बृंदा ने पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद किए गए फेसबुक पोस्ट कर लिखा था, जिसमें उन्होंने हिरासत में लिए जाने की बात को सही बताया था. उन्होंने कहा है कि उनके पति जो भी फाइन था उसे भरने आ रहे थे. लेकिन पुलिस ने मना कर दिया. बृंदा ने फेसबुक पोस्ट में लिखा, रात 12.40 बजे क्वाकीथेल एफसीआई क्रॉसिंग पर मुझे, सोनिया फरिम्बम और तेनाव को काकचिंग कंट्रोल रूम की रिपोर्ट के अनुसार कर्फ्यू के नियमों को तोड़ने के लिए हिरासत में लिया गया था.

 

Enjoy Manipur2.13 am, 28/07/2020, Kwakeithel, FCI Crossing, Imphal West DetentionMe, Sonia Phairembam and Tenao…

Posted by Thounaojam Brinda on Monday, 27 July 2020

 

बृंदा ने लिखा इस दौरान मेरे पति ने रात के कारण जुर्माना भरने और सभी महिलाओं को छुड़ाने के लिए तैयार हो गए. लेकिन उसके बाद इनकार करते हुए पुलिस ने कहा कि लमपेल पुलिस मुझे गिरफ्तार करने आ रही है. इस दौरान हम वर्दी वाले पुलिसकर्मियों से घिरे थे. इस दौरान उन्होंने मेरा दोष नहीं बताया दो घंटे बाद जाने की इजाजत दी गई.

द प्रिंट के अनुसार उन्होनें बताया की “मैं काकिंग से इम्फाल जा रही थी। मैं एक ड्रग ट्रेल की जांच कर रही थी जो कि बर्मा से सुगनू में आता है, कासोम खुल्लेन से होते हुए और तभी हमें एफसीआई चौराहे पर 12:40 बजे रोका गया। जिन अधिकारियों ने हमें हिरासत में लिया, उन्होंने मुझे यह बताने से इनकार कर दिया कि उन्होंने हमें क्यों हिरासत में लिया है? तक़रीबन एक घंटे के बाद ही पता चला कि हमें कर्फ्यू के उल्लंघन के कारण रोका गया है, हालाँकि वहाँ कई अन्य कारें उस वक़्त रोड पर चल रही थीं उनमें से किसी को रोका नहीं गया। मणिपुर में तालाबंदी एक मजाक है”।

 

Vehicle plying and let off without stopping.

Posted by Thounaojam Brinda on Monday, 27 July 2020

 

संगई एक्सप्रेस के अनुसार, मंगलवार को इम्फाल के पुलिस महानिरीक्षक के. जयंता ने कहा कि पुलिस बृंदा की निगरानी नहीं कर रही है और उन्हें निशाना बनाने का कोई इरादा नहीं था.

 वहीं इस पूरी घटना पर इम्फाल वेस्ट जिले के पुलिस अधीक्षक के. मेघचंद्र ने कहा कि कार चलाने वाली महिला ने अपनी पहचान एक पुलिस अधिकारी के तौर पर दी थी. वहीं पहचान बताते समय उनका व्यवहार उचित नहीं था. कार की चालान काटने के बाद उन्हें जाने दिया गया था.

बता दें कि बृंदा ने इससे पहले सीधे तौर पर राज्य के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह पर आरोप लगाया था कि उन्होंने ड्रग्स पकड़ने के लिए की गई छापेमारी के दौरान गिरफ्तार हुए लोगों को छोड़ने के लिए दबाव बनाया था.

बृंदा ने 13 जुलाई को इम्फाल हाईकोर्ट के समक्ष दायर एक हलफनामे में यह आरोप लगाए थे. बृंदा के हलफनामे के मुताबिक, इस मामले में मुख्य आरोपी लुखाउसी जू है, जिसे ड्रग्स कार्टेल का सरताज माना जाता है. वह चंदेल जिले में भाजपा का एक स्थानीय नेता भी है.

इसके बाद सिंह ने अदालत में एक याचिका दाखिल कर अधिकारी को उनके खिलाफ मानहानिकारक बयान देने और उनके खिलाफ लगाए गए आरोप से संबंधित सामग्री को मीडिया में प्रकाशित करने से रोकने का आदेश देने का आग्रह किया गया था.

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