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कर्नाटक गृह मंत्री: सुनियोजित थी बेंगलुरु हिंसा, दंगाइयों से कराई जाएगी नुकसान की भरपाई

तर्कसंगत

Image Credits: NDTV/Deccan Herald

August 13, 2020

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कर्नाटक सरकार ने मंगलवार रात को बेंगलुरू में हुई हिंसा में हुए नुकसान की भरपाई दंगाई से करने का फैसला किया है।

राज्य सरकार ने यह भी कहा है कि यह पूरा दंगा सुनियोजित था और पुलिस ने कुछ संदिग्धों की पहचान कर ली है। अब नुकसान की वसूली की जाएगी। गौरतलब है कि मंगलवार रात को बेंगलुरू में भारी हिंसा हुई थी, जिसमें पुलिस फायरिंग से तीन लोगों की मौत हो गई और कई घायल हैं।

फेसबुक पोस्ट पर हिंसा

मंगलवार को पुलिकेशिनगर के कांग्रेस विधायक अखंड श्रीनिवास मूर्ति के भतीजे ने कथित तौर पर फेसबुक पर एक ‘आपत्तिजनक’ पोस्ट डाली थी। इसके विरोध में भारी संख्या में लोग पुलिस थाने पहुंच गए और विधायक के भतीजे पर कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने बताया कि उग्र भीड़ FIR दर्ज करने और विधायक के भतीजे की तुरंत गिरफ्तारी की मांग कर रही थी। लोगों का कहना था कि इस पोस्ट से उनकी धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। जिसके बाद श्रीनिवास मूर्ति के आवास पर करीब 100 की संख्या में अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्य एक जगह जमा हुए और मूर्ति के घर पर पत्थर फेंके।

दंगाइयों से वसूली

इंडिया टूडे से बात करते हुए कर्नाटक सरकार के मंत्री सीटी रवि ने कहा, “योजना बनाकर दंगा किया था। संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के लिए पेट्रोल बम और पत्थर फेंके गए थे। 300 से ज्यादा वाहनों को आग लगाई गई। हमने संदिग्धों की पहचान कर ली है और जांच के बाद इसकी पुष्टि की जाएगी।”

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की तरह राज्य सरकार भी दंगों में हुए नुकसान की वसूली दंगाई से करेगी।

सीटी रवि ने कहा, “सभी राज्यों को दिए गए सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार, अगर किसी दंगे में सार्वजनिक संपत्ति का नुकसान होता है तो इसकी वसूली दंगों में शामिल लोगों से की जानी चाहिए। हम दंगों में शामिल लोगों की पहचान और नुकसान का आकलन कर रहे हैं।”

गौरतलब है उत्तर प्रदेश सरकार ने नागरिकता कानून के विरोध में हुई हिंसा में हुए नुकसान की भरपाई के लिए वसूली नोटिस भेजे थे।

सीआरपीएफ की टुकड़ी पहुंची बैंगलोर

कर्नाटक के गृह मंत्री बसावराज बोम्मई ने कहा कि पुलिस को हिंसा को नियंत्रित करने के लिए फायरिंग करनी पड़ी थी।

उन्होंने कहा, “स्थिति अब नियंत्रण में हैं। हैदराबाद और चेन्नई से केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की छह और प्लाटून को बेंगलुरू बुलाया गया है ताकि सुरक्षा कड़ी की जा सकी। रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और गरूड़ कमांडो को भी इलाके में तैनात कर दिया गया है।” खबरें हैं कि बोम्मई आज शाम को बेंगलुरू पहुंच सकते हैं।

बाल बाल बचे कांग्रेस विधायक

कांग्रेस विधायक श्रीनिवास मूर्ति ने कहा कि हिंसा में उनका बचना किसी चमत्कार से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि भीड़ तलवार, पेेट्रोल बम और पत्थरों से उनके घर पर हमला कर रही थी। भीड़ ने न सिर्फ उनकी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया बल्कि लूटपाट भी की है।

उन्होंने राजस्व मंत्री आर अशोका से मुलाकात के बाद मीडिया से बात करते हुए हिंसा को ‘सुनियोजित’ बताते हुए इसकी जांच CBI या क्राइम ब्रांच से कराने की मांग की है।

उन्होंने कहा, “यह चमत्कार है कि मैं बच गया। जब हिंसा हुई तब मैं बाहर था। इलाके में रहने वाले मेरे शुभचिंतक आए और मुझे भीड़ के आने की सूचना दी। इस तरह मैं बचने में सफल हुआ। नहीं तो मुझे नहीं लगता कि मैं आज जिंदा होता।”

विधायक मूर्ति ने कहा कि वो चाहते हैं कि सरकार उन्हें सुरक्षा दे और मामले की जांच सीबीआई या सीआईडी से करायी जाए। घटना से बेहद डरे हुए विधायक ने बताया, ‘जब 3,000 लोगों की भीड़ पेट्रोल बम, डंडे लेकर आयी, वाहनों को जला दिया और हमारा मकान क्षतिग्रस्त कर दिया, उस वक्त हम घर में नहीं थे। इस घटना के बाद मुझे सरकार से सुरक्षा की आवश्यकता है।’

मूर्ति ने कहा कि भीड़ पेट्रोल बम, पत्थर और तलवारों के साथ घर में घुसी और गहनों समेत कई कीमतों सामान लूटकर ले गई।

विधायक ने समुदाय के लोगों से हिंसा नहीं करने की अपील की। उन्होंने वीडियो संदेश में कहा, ”मैं लोगों से अपील करता हूं कि कुछ उपद्रवियों की गलतियों के चलते हमें हिंसा में शामिल नहीं होना चाहिये। लड़ने-झगड़ने की कोई जरूरत नहीं है। हम सभी भाई हैं। हम कानून के अनुसार दोषियों को सजा दिलाएंगे। हम भी आपके साथ हैं। मैं अपने दोस्तों से शांति बनाए रखने की अपील करता हूं।”

हिंसा में पुलिस को भी भारी नुकसान

उग्र भीड़ ने डीजे हल्ली और केजी हल्ली पुलिस स्टेशन पर भी पथराव किया। भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस ने फायरिंग की जिसमें 2 लोगों की मौत हो गई वहीं पुलिस और लोगों के बीच हुई झड़प में करीब 60 पुलिसकर्मी भी घायल हो गए हैं।

एनडीटीवी के अनुसार पूरे बेंगलुरु में धारा 144 लागू है. कमिश्नर ने कहा कि फिलहाल हालात काबू में हैं। पुलिस ने इस मामले में कांग्रेस विधायक अखंड श्रीनिवास मूर्ति के आरोपी भतीजे नवीन को गिरफ्तार कर लिया है, वहीं इसके अलावा 110 अन्य लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

घटना पर कर्नाटक के गृह मंत्री बसवराज बोम्‍मई ने कहा कि मामले की जांच की जानी चाहिए। अतिरिक्त बल तैनात किया गया है। उपद्रवियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि मैंने अधिकारियों से बात की है। किसी को भी डरने की जरूरत नहीं है। पुलिस शांति बहाल करने की कोशिश कर रही है।

मरने वालों में से एक की पहचान यासिन पाशा के रूप में हुई है। उसके पिता अफजल ने संवाददाताओं से कहा कि उनका बेटा ‘निर्दोंष’था। उन्होंने कहा, ‘मेरा बेटा उस इलाके में मांस की दुकान चलाता था। वह रात का खाना खाने गया था, तभी पुलिस ने गोलियां चलायीं जिसमें वह मारा गया। वह निर्दोष था और किसी आगजनी में शामिल नहीं था।’

तर्कसंगत का तर्क

बैंगलोर की हिंसा भारत की अखंडता, एकता के लिए शर्मनाक है. किसी भी धर्म, पंथ के इष्ट देवी, देवता या पूजनीय व्यक्तित्व पर कोई कटाक्ष या भद्दे सोशल मीडिया पोस्ट नहीं होने चाहिए। अगर किसी शरारती मंशा या द्वेष की भावना से ऐसा कर भी दिया जाए तो ये जिम्मेदारी हमारी भी बनती है कि हम उस बुराई को अपने पैगम्बर, देवता, पूजनीय के सिखाये बातों के ऊपर कितना तवज्जों देते हैं। बैंगलोर की हिंसा निश्चित ही ये बात सिद्ध करती है कि पैगम्बर की बातों को आत्मसाध नहीं किया गया। संसार का कोई भी धर्म हिंसा की अगुवाई नहीं करता। मगर धर्म के ठेकेदार इसका अपने स्वार्थसिद्धि के लिए इस्तेमाल करते हैं। एक फेसबुक पोस्ट किसी भी देवी देवता की इज़्ज़त न ही बढ़ा सकती है न हीं घटा सकती है। हमें अपने धर्म की रक्षा इस बात से नहीं करनी कि सोशल मीडिया पर उसे ले कर क्या कहा जा रहा है। हमें इस बात का ख्याल रखना है कि हम अपने धर्म की अच्छी बातें कैसे अपने परिवार, समाज देश और विश्व में फैलाये, जिससे चारों तरफ अमन, भाईचारा, प्रेम सौहार्द का सन्देश जाए।

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