ख़बरें

डॉ. कफील खान पर तीन महीने के लिए बढ़ाया गया NSA 13 नवंबर तक जेल में रहेंगे

तर्कसंगत

Image Credits: ndtv

August 17, 2020

SHARES

भड़काऊ भाषण देने के आरोप में मथुरा जेल में बंद डॉ. कफील खान की हिरासत 3 महीने के लिए बढ़ा दी है। वह पिछले 6 महीने से राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत मथुरा जेल में बंद हैं। बीते चार अगस्त को गृह विभाग के अनु सचिव विनय कुमार के दस्तखत से जारी एक आदेश में कहा गया है कि राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम 1980 की धारा 3 (2) के तहत कफील खान को 13 फरवरी 2020 को अलीगढ़ जिला मजिस्ट्रेट के आदेश पर निरुद्ध किया गया है।

इस अधिनियम की धारा 10 के तहत यह प्रकरण कंसल्टेटिव काउंसिल के पास भेजा गया था जिसने रिपोर्ट दी है कि कफील को जेल में रखने के पर्याप्त कारण मौजूद हैं, लिहाजा बीते छह मई को उन्हें रासुका के तहत तीन महीने और जेल में रखे जाने के आदेश दिए थे। यानी अब डॉ. कफील कम से कम 13 नवंबर तक जेल में रहेंगे।

एनडीटीवी  के अनुसार राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम 1980 की धारा 10 के तहत इस मामले को सलाहकार समिति के पास भेजा गया था, जिसने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि डॉ. कफील खान को जेल में रखने के पर्याप्त कारण मौजूद हैं, लिहाजा बीते छह मई को उन्हें रासुका के तहत तीन महीने और जेल में रखे जाने के आदेश दिए थे।

बता दें कि बीती 29 जनवरी को उत्तर प्रदेश के विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) में दिसंबर में कथित तौर पर भड़काऊ भाषण देने के मामले में डॉ. कफील को मुंबई हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया था। वहां वे सीएए विरोधी रैली में हिस्सा लेने गए थे।

डॉ. कफील खान की रिहाई के संबंध में सुप्रीम कोर्ट ने बीते 11 अगस्त को इलाहाबाद हाईकोर्ट के लिए 15 दिन की समयसीमा निर्धारित की थी। सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट से कहा था कि 15 दिन में तय करें कि डॉ. कफ़ील को रिहा कर सकते हैं या नहीं।

अदालत ने मामले में सुनवाई की अगली तारीख 19 अगस्त तय की है.

इससे पहले डॉ. कफील को गत 10 फरवरी को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जमानत दे दी थी, लेकिन आदेश के तीन दिन बाद भी जेल प्रशासन ने उन्हें रिहा नहीं किया था।

उसके बाद कफील के परिजन ने अलीगढ़ की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में अवमानना याचिका दायर की थी। अदालत ने 13 फरवरी को फिर से रिहाई आदेश जारी किया था, मगर अगली सुबह जिला प्रशासन ने कफील पर रासुका के तहत कार्यवाही कर दी थी. उसके बाद से कफील मथुरा जेल में बंद हैं।

बता दें कि डॉक्टर कफील खान साल 2017 में तब चर्चा में आए थे जब गोरखपुर के राजकीय बीआरडी अस्पताल में दो दिन के अंदर 30 बच्चों की मौत हो गई थी। गौरतलब है कि डॉक्टर कफील खान को बीआरडी मेडिकल कॉलेज में कथित रूप से ऑक्सीजन की कमी से हुई बच्चों की मौत के मामले में आरोपी बनाकर गिरफ्तार किया गया था। घटना के वक्त वह एईएस वार्ड के नोडल अधिकारी थे। बाद में शासन ने उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया था। वे लगभग 7 महीने तक जेल में बंद रहे। अप्रैल 2018 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी थी। वहीं, डॉ. कफील ने अपने निलंबन को लेकर चल रही जांच को कोर्ट में चुनौती दी थी।

अपने विचारों को साझा करें

संबंधित लेख

लोड हो रहा है...