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रिपोर्ट: कोरोना महामारी के समय में देश में 41 लाख युवा हुए बेरोजगार

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Image Credits: ndtv

August 19, 2020

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देश में कोविड-19 महामारी के कारण 41 लाख युवाओं को नौकरी से हाथ धोना पड़ा है. इसमें निर्माण और कृषि क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारी सर्वाधिक प्रभावित हुए. अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) और एशियाई विकास बैंक (एडीबी) की संयुक्त रिपोर्ट में यह कहा गया है.

इकनोमिक टाइम्स के अनुसार रिपोर्ट में कहा गया है कि एशिया और प्रशांत क्षेत्र में युवाओं के रोजगार की संभावनाओं को कोरोना महामारी ने कड़ी चुनौती दी है।

इस तात्कालिक संकट से वयस्कों (25 वर्ष से अधिक) के मुकाबले युवा (15-24 वर्ष) ज्यादा प्रभावित हुए हैं। उन्हें सामाजिक और आर्थिक लागत को ज्यादा समय तक वहन करना पड़ेगा।

रिपोर्ट के अनुसार कोरोना महामारी के चलते कई कारोबार बंद होने होने या ऑपरेशन में कटौती के लिए मजबूर हुए हैं।

रिपोर्ट के अनुसार कोरोना महामारी से निपटने के प्रभावी उपायों में यह सुनिश्चित किया जाए कि इसका लाभ गरीबों और सबसे ज्यादा प्रभावित युवाओं तक अवश्य पहुंचे ताकि पॉलिसी और सोशल डायलॉग में युवा भी सार्थक रूप से भागीदार बन सकें।

रिपोर्ट में सरकारों से युवाओं के लिए रोजगार पैदा करने, शिक्षा और प्रशिक्षण को ट्रैक पर रखने और क्षेत्र में 660 मिलियन से अधिक युवाओं के डर को कम करने के लिए उपाय करने का आह्वान किया गया है।

कोविड-19 संकट से पहले ही एशिया और प्रशांत क्षेत्र में युवाओं के समक्ष रोजगार को लेकर चुनौतियां थी। इसके कारण बेरोजगारी दर ऊंची थी और बड़ी संख्या में युवा स्कूल तथा काम दोनों से बाहर थे।

रिपोर्ट के अनुसार साल 2019 में क्षेत्रीय युवा बेरोजगारी दर 13.8 प्रतिशत थी, जबकि वयस्कों के लिए यह 3 प्रतिशत थी।

इसी तरह 16 करोड़ से अधिक युवा (जनसंख्या का 24 प्रतिशत) रोजगार, शिक्षा या प्रशिक्षण से दूर थे।

क्षेत्र में पांच में से चार युवा अनौपचारिक प्रशिक्षण में थे और चार युवा श्रमिकों में से एक अत्यधिक या मध्यम गरीबी की स्थिति में रह रहा था। ऐसे में कोरोना महामारी ने स्थिति को और बिगाड़ दिया है।

रिपोर्ट के अनुसार साल 2019 की आखिरी तिमाही की तुलना में 2020 की पहली तिमाही में युवा बेरोजगारी की दर तेजी से बढ़ी है।

इस दौरान रिपोर्ट में शामिल नौ देशों में से ऑस्ट्रेलिया, इंडोनेशिया, जापान, मलेशिया, वियतनाम, हांगकांग और चीन में सबसे अधिक युवा बेरोजगारी दर बढ़ी है। इसके अलावा साल 2020 में एशिया और प्रशांत क्षेत्र के 13 देशों में 1.5 करोड़ युवाओं को अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा है और वह तनाव में हैं।

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