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सरकारी जॉब पोर्टल पर 40 दिन में 69 लाख ने मांगी नौकरी, ऑफर हुई केवल दो प्रतिशत

तर्कसंगत

August 24, 2020

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 11 जुलाई को शुरू किए गए सरकारी जॉब पोर्टल पर सिर्फ 40 दिनों के भीतर 69 लाख से अधिक लोगों ने रोजगार के लिए पंजीकरण कराया था, लेकिन पंजीकरण कराने वालों में से एक बेहद छोटी संख्या में ही लोगों को रोजगार मिल पाया।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, 14 अगस्त से 21 अगस्त के बीच एक सप्ताह के भीतर पोर्टल पर सात लाख से ज्यादा लोगों ने रोजगार के लिए पंजीकरण कराया लेकिन इस दौरान सिर्फ 691 लोगों को ही रोजगार मिला।

न्यूज 18 के अनुसार ASEEM पोर्टल पर 40 दिनों में पंजीयन करने वाले 69 लाख से अधिक बेरोजगारों में से कंपनियों ने दो प्रतिशत यानी 1.49 लाख को रोजगार की पेशकश की थी।

 

बेरोज़गारों की संख्या बढ़ी

कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय के अनुसार पोर्टल पर 21 अगस्त को समाप्त हुए सप्ताह में बेरोजगार प्रवासी मजूदरों की संख्या में 80 प्रतिशत की बढ़ोतरी (2.97 लाख से 3.78 लाख) हुई है। हालांकि, इस दौरान रोजगार पाने वालों की संख्या में 9.87 प्रतिशत (7,009 से 7,700) का ही इजाफा हुआ है। इसी तरह इस सप्ताह में कुल बेरोजगारों की संख्या में 11.98 प्रतिशत (61.67 से 69 लाख) की बढ़ोतरी हुई है।

 सभी के लिए रोज़गार

मनी कंट्रोल के मुताबिक मंत्रालय से जुड़े सूत्रों का कहना है कि पोर्टल समय-समय पर विभिन्न क्षेत्र में प्रशिक्षित लोगों की सहायता के लिए बना था, जिन लोगों ने पंजीकरण कराया, वे सिर्फ प्रवासी कामगार नहीं है. मंत्रालय के अनुसार पोर्टल सिर्फ प्रवासी श्रमिकों को रोजगार मुहैया नहीं कराया जा रहा, बल्कि स्व-नियोजित दर्जी, इलेक्ट्रीशियन, फील्ड-तकनीशियन, सिलाई मशीन ऑपरेटर, कूरियर डिलीवरी अधिकारी, नर्स, लेखा अधिकारी, मैनुअल क्लीनर और बिक्री सहयोगी आदि को भी रोजगार के अवसर प्रादन किए जा रहे हैं।

असीम पोर्टल के आंकड़ों के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी द्वारा जून में देश के 116 जिलों में शुरू किए गए गरीब कल्याण रोजगार अभियान के तहत रोजगार की तलाश कर रहे लोगों में सिर्फ 5.4 फीसदी महिलाएं हैं।

लॉजिस्टिक्स, हेल्थकेयर, बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं और बीमा (बीएफएसआई), रिटेल और कंस्ट्रक्शन ऐसे शीर्ष क्षेत्र हैं, जिन्होंने पोर्टल पर लगभग 73.4 फीसदी नौकरियों की पेशकश की है।

कामगारों की किल्ल्त

मंत्रालय के अनुसार वर्तमान में कर्नाटक, दिल्ली, हरियाणा, तेलंगाना और तमिलनाडु राज्यों में श्रमिकों की सबसे ज्यादा किल्लत है।

लॉकडाउन में इन्हीं राज्यों से सबसे अधिक प्रवासी मजदूर वापस लौटे थे। यही कारण है कि पोर्टल पर मौजूद कुल नौकरियों में से 77 प्रतिशत इन्हीं राज्यों के लिए हैं। प्रवासी मजदूरों के अब फिर से रोजगार की तलाश करने के कारण ही पोर्टल पर अचानक बेरोजगारों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है।

ASEEM पोर्टल

कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय ने विभिन्न क्षेत्रों में कुशल कर्मचारियों की मांग-आपूर्ति के बीच अंतर को कम करने के लिए ASEEM पोर्टल लॉन्च किया है। वर्तमान में पोर्टल पर 514 कंपनियां रजिस्टर हैं। इनमें से 443 ने 2.92 लाख जॉब्स पोस्ट की हैं और 1.49 लाख ऑफर की है।

इस पोर्टल पर पंजीयन के लिए आपको वेबसाइट पर जाकर यूजर अकाउंट बनाना होगा। इसमें आपको शैक्षिक योग्यता, अनुभव और पिछली नौकरी की जानकारी देनी होगी। इससे आपका डाटा पोर्टल पर सेव हो जाएगा। इसके बाद कंपनियां जरूरत के हिसाब से आपसे संपर्क कर नौकरी का ऑफर देगी।

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