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माइंड स्पोर्ट्स ओलंपियाड जीतकर दुनिया का सबसे तेज मानव कैलकुलेटर बना यह भारतीय लड़का

तर्कसंगत

Image Credits: ABP

August 25, 2020

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हाल ही में लंदन में आयोजित माइंड स्पोर्ट्स ओलंपियाड में मानसिक गणना विश्व चैम्पियनशिप में भारत के लिए पहला स्वर्ण जीतने के बाद हैदराबाद के बीस वर्षीय नीलकांत भानु प्रकाश दुनिया के सबसे तेज मानव कैलकुलेटर के रूप में उभरे हैं। बेंगलुरु मिरर के मुताबिक, लंदन में आयोजित हुई माइंड स्पोर्ट्स ओलंपियाड 2020 में नीलकंठ ने ही भारत के लिए पहला गोल्ड मेडल जीता है।

हैदराबाद के मोती नगर रहने वाले भानु के नाम दुनिया में सबसे तेज गणना करने का रिकॉर्ड है। दिल्ली के सेंट स्टीफंस कॉलेज से ग्रेजुएशन कर चुके भानु अब गणित में मास्टर्स की पढ़ाई कर रहे हैं।

20 वर्षीय भानु कहते हैं कि वो यह पदक अपने नाम करने वाले पहले भारतीय हैं। भानु अब दुनिया के सबसे तेज मानव कैलकुलैटर बन गए हैं।

उनका कहना है कि गणित एक बड़ा दिमागी खेल है और उनका मिशन लोगों के दिमाग से गणित के डर को दूर करना है।

भानू प्रकाश ने एएनआई को बताया कि “मैंने भारत को गणित के वैश्विक स्तर पर स्थान देने के लिए अपना पूरा प्रयास किया  उन्होंने आगे कहा कि मैं दुनिया में सबसे तेज मानव कैलकुलेटर होने के लिए 4 विश्व रिकॉर्ड और 50 लिम्का रिकॉर्ड रखता हूं। मेरा मस्तिष्क एक कैलकुलेटर की गति से तेज गणना करता है। इन रिकॉर्ड्स को तोड़ना, एक बार स्कॉट मैन्सबर्ग और शकुंतला देवी जैसे मैथ मैस्ट्रोस के पास है।”

हैरानी की बात ये है कि एक दुर्घटना की वजह से उनका गणित से वास्ता पड़ा। दरअसल, पांच साल की उम्र में हुए एक हादसे में उनके सिर में चोट आई थी। वो कहते हैं, “मेरे माता-पिता को बताया गया कि मैं अपनी चेतना खो सकता हूं। इसलिए मैंने अपने दिमाग को चलाए रखने के लिए गणित की गणनाएं करनी शुरू की।”

बीबीसी से बात करते हुए भानु कहते हैं कि मध्य वर्गीय परिवार से होने के नाते आमतौर पर लोगों की इच्छा अच्छी नौकरी करना या अच्छा कारोबार शुरू करना होती है न कि गणित जैसे क्षेत्र में जाने की। इसके उलट भानु को गणित से इतना प्यार हो गया है कि वो अब इसमें मास्टर्स डिग्री कर रहे हैं। उनका दावा है कि उनके नाम दुनिया के सबसे तेज मानव कैलकुलेटर होने के चार वर्ल्ड रिकॉर्ड हैं।

यूके, जर्मनी, यूएई, फ्रांस ग्रीस और लेबनान सहित 13 देशों के 57 वर्ष तक के 30 प्रतिभागियों के साथ MSO को आयोजित किया गया था। जानकारी के लिए बता दें कि MSO पहली बार 1998 में आयोजित किया गया था।

भानु प्रकाश एक लेबनानी दावेदार और संयुक्त अरब अमीरात से 65 अंक आगे थे, जिन्होंने तीसरा स्थान हासिल किया। भानु प्रकाश ने कहा कि उनकी दृष्टि विजन मैथ प्रयोगशालाओं को बनाने और लाखों बच्चों तक पहुंचने के लिए उन्हें गणित से प्यार करना शुरू किया था।

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