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वीडियो देखें, शिक्षा मंत्री ने कहा ‘लोग चाहते हैं कि परीक्षा आयोजित हो’, परीक्षा केंद्रों की संख्या बढ़ी

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Image Credits: Jagran

August 26, 2020

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शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कोरोनोवायरस महामारी के बीच इंजीनियरिंग और मेडिकल पाठ्यक्रमों के लिए अखिल भारतीय परीक्षा आयोजित करने के निर्णय का बचाव किया है. उन्होंने कहा है कि परीक्षा के आयोजन के लिए “अभिभावकों और छात्रों का लगातार दबाव है, लोग चाहते हैं कि परीक्षा आयोजित हो”.

डीडी न्यूज़ को दिए एक साक्षत्कार में उन्होनें नयी शिक्षा नीति, NEET, JEE की परीक्षा आदि महत्वपूर्ण विषयों पर सरकार का पक्ष रखा.

 

 

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान में प्रवेश के लिए संयुक्त प्रवेश परीक्षा (JEE) और मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) अगले महीने आयोजित होने वाली है. लेकिन, कोरोना वायरस  महामारी के बीच नीट-जेईई की परीक्षाओं को टालने की मांग कई राजनीतिक दलों की तरफ से की जा रही है.

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी जेईई मेन और एनईईटी परीक्षा आयोजित कराने के लिए पूरी तरह से तैयार है. जेईई मेन परीक्षा  1 सितंबर से 6 सितंबर तक आयोजित की जाएगी, जबकि एनईईटी परीक्षा (NEET 2020) 13 सितंबर को होगी.

डीडी न्यूज को दिए एक साक्षात्कार में, निशंक ने कहा कि जेईई के लिए उपस्थित होने वाले 80 प्रतिशत छात्र पहले ही एडमिट कार्ड डाउनलोड कर चुके हैं.  निशंक ने कहा,  “हम माता-पिता और छात्रों के लगातार दबाव में हैं, वो पूछ रहे हैं कि हम जेईई और एनईईटी की अनुमति क्यों नहीं दे रहे हैं. छात्र बहुत चिंतित थे. उनके दिमाग में यह चल रहा था कि वे कितने समय तक सिर्फ तैयारी जारी रखेंगे?” निशंक ने कहा, “जेईई के लिए पंजीकृत 8.58 लाख छात्रों में से 7.25 लाख उम्मीदवारों ने अपने एडमिट कार्ड डाउनलोड कर लिए हैं … हम छात्रों के साथ हैं. उनकी सुरक्षा पहले हो, फिर उनकी शिक्षा.”

छात्रों के एडमिट कार्ड में सोशल डिस्टेंसिंग के सारे नियम बताए गए हैं. परीक्षा केंद्र पर सभी छात्र, फैकल्टी और स्टाफ को सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करना होगा. सभी छात्रों को 6 फीट की दूरी बनाकर रखनी होगी. छात्रों का, फैकल्टी मेंबर और स्टाफ का परीक्षा केंद्र में घुसने से पहले तापमान मापा जाएगा.जिन छात्रों का तापमान 37.4C/99.4F से कम होगा उसी को परीक्षा केंद्र में जाने की अनुमति होगी. जिनको बुखार या तापमान ज़्यादा होगा उनके लिए एक अलग कमरे का इंतज़ाम किया गया है, जिसमें बैठकर वो परीक्षा दे सकेंगे.

इसके साथ ही कोरोना वायरस संक्रमण से बचने के लिए, जेईई और एनईईटी के लिए उपस्थित होने वाले छात्रों को मास्क और हाथ में दस्ताना पहनना होगा और पानी की एक निजी बोतल और परीक्षा केंद्र पर हैंड सैनिटाइजर ले जाना होगा.

हालाँकि बाढ़ ग्रसित क्षेत्र के छात्रों की परेशानी पर उन्होनें कुछ भी नहीं कहा.

इसके साथ ही साथ केंद्र ने परीक्षा सेंटर की संख्या को भी बढ़ाया है जेईई के कुल केंद्रों की संख्या 660 कर दी गयी है है पहले 570 थी, एनईईटी की परीक्षा केंद्रों को भी बढ़ाकर 3843 कर दी गयी है जो कि पहले 2546 थी.

 

 

स्कूल खोले जाने के मुद्दे पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि ‘गृह मंत्रालय और स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा दिए गए दिशानिर्देशों के आधार पर निर्णय लिया जाएगा.

 

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