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आईसीएमआर ने भारत की पहली कोरोना टेस्ट किट को दी मंज़ूरी, जानिए इसकी कीमत और परिणाम देने का समय

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August 27, 2020

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देश में तेजी से बढ़ते कोरोना संक्रमण के मामलों के बीच एक राहत की खबर आई है। अब जल्द ही देश के अस्पतालों, नर्सिंग होम्स और निजी प्रयोगशालाओं में खून में मौजूद कोरोना एंटीबॉडी का पता लगाया जा सकेगा। दरअसल, खून में कोरोना की एंटीबॉडी का पता लगने के लिए दिल्ली की एक फार्मा कंपनी ने पहली स्वदेशी पॉइंट-ऑफ-केयर रैपिड टेस्ट किट तैयार की है।

इस किट को भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) ने भी मंजूरी दे दी है।

टाइम्स ऑफ़ इंडिया की खबर के मुताबिक इस सिंपल कोरोना एंटीबॉडी रैपिड टेस्ट किट का निर्माण दिल्ली स्थित फार्मा कंपनी ऑस्कर मेडिकेयर ने किया है। यह जैव प्रौद्योगिकी विभाग से फंडिंग प्राप्त करने वाली एकमात्र फर्म है। यह फर्म भारत में गर्भावस्था जांच किट बनाने वाली भी सबसे बड़ी कंपनी है।

 ये कम्पनी HIV एड्स, मलेरिया और डेंगू की जांच के टेस्ट किट का भी  उत्पादन करती हैं। अस्पतालों में इसी का उपयोग होता है।

 हालाँकि देश में सरकार ने अभी तक किसी भी पॉइंट-ऑफ-केयर रैपिड टेस्ट की अनुमति नहीं दी है। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार किसी भी रोग के उपचार के लिए एंटीबॉडी परीक्षण को एकमात्र आधार के रूप में उपयोग नहीं किया जाना चाहिए।

ऑस्कर मेडिकेयर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आनंद सेखरी ने बताया कि Q COVID-19 Ag टेस्ट मानव नासोफरीनक्स में SARS-CoV-2 की उपस्थिति का पता लगाने के लिए नासोफेरींजल स्वैब का उपयोग करता है और परिणाम आने में 30 मिनट का समय लगता है।

20 मिनट में टेस्ट, 200 की कीमत

उन्होंने दावा कि उनकी फर्म द्वारा तैयार पॉइंट-ऑफ-केयर किट के जरिए महज 20 मिनट में परिणाम प्राप्त किया जा सकेगा। इससे जांच के लिए अंगुली से खून लिया जाएगा। सेखरी ने रैपिड टेस्टिंग किट की कीमत के लगभग 200 रुपये होने की संभावना जताई है।

उन्होंने कहा कि कंपनी की सितंबर में दो लाख टेस्ट किट लॉन्च करने की योजना है। कंपनी की क्षमता प्रति दिन पांच लाख टेस्ट किट तैयार करने की है। फर्म ने किट के लिए देश भर के वितरकों के साथ पहले ही करार कर लिया है।

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