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उड़ान 4.0 : देश में अब 78 नए रूटों पर अब उड़ेंगे हवाई जहाज, उड्डयन मंत्रालय ने जारी की लिस्ट

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Image Credits: Jagran/Bhaskar

August 28, 2020

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केंद्र सरकार ने क्षेत्रीय संपर्क योजना यानी “उड़ान” स्कीम के चौथे चरण में 78 हवाई मार्गो  के आवंटन को मंजूरी दे दी है. नये रुटों में देश के दूरस्थ और क्षेत्रीय इलाकों को हवाई सेवा से जोड़ने का फैसला लिया गया है. नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक नये रुट में उत्तर पूर्वी राज्यों,पहाड़ी राज्यों और आईसलैंड्स को प्राथमिकता दी गयी है. उडान स्कीम के तहत उत्तर प्रदेश में हवाई सेवा का नेटवर्क बिछाया जा रहा है.

नागरिक उड्डयन मंत्रालय की संयुक्त सचिव उषा पाढ़ी ने कानपुर, प्रयागराज और वाराणसी के भी धर्मनगरी के हवाई सेवा से जुड़ने की जानकारी ट्वीट कर दी. उन्होंने ट्वीट कर बताया कि एयरलाइंस के उत्साह के आधार पर चौथे राउंड के पहले फेज में 78 नए रूटों की मंजूरी दी जा रही है. उन्होंने 78 नए मार्गों का पूरी लिस्ट भी जारी की है.

बता दें कि मोदी सरकार ने छोटे और मंझोले शहरों को हवाई नेटवर्क से जोड़ने के लिए ‘उड़े देश का आम नागरिक’ (UDAN) नाम से क्षेत्रीय संपर्क योजना की शुरुआत की है. इसके तहत आवंटित रूटों पर फ्लाइट की 50 प्रतिशत सीटों का किराया, अधिकतम दूरी के अनुसार, सरकार तय करती है. क्षेत्रीय कनेक्टिविटी की योजना ‘उड़ान’ के तहत देश के दूर-दराज के तमाम हवाई अड्डों और हेलीपैड्स को जोड़ा जा रहा है.

 

 

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक नागरिक उड्डयन मंत्रालय से मिली जानकारी के मुताबिक, उड़ान स्कीम के तहत उत्तर प्रदेश के कानपुर (चकेरी), मुरादाबाद, अलीगढ़, चित्रकूट, वाराणसी, श्रावस्ती, प्रयागराज और बरेली से हवाई रूट को शामिल किया गया है. इनमें कानपुर (चकेरी) से मुरादाबाद, कानपुर (चकेरी) से अलीगढ़, कानपुर (चकेरी) से चित्रकूट, चित्रकूट से प्रयागराज, चित्रकूट से वाराणसी, चित्रकूट से कानपुर (चकेरी), कानपुर(चकेरी) से श्रावस्ती, श्रावस्ती से वाराणसी, श्रावस्ती से प्रयागराज, श्रावस्ती से कानपुर(चकेरी), बरेली से दिल्ली का रूट शामिल किया गया है। इन हवाई रूटों के शुरू होने से उत्तर प्रदेश के शहरों की आवाजाही आसान हो जाएगी.

उडान स्कीम के चौथे चरण में जिन रुटों की मंजूरी दी गई है उसके तहत दिल्ली से शिमला, हिस्सार से धर्मशाला, हिस्सार से चंडीगढ, हिस्सार से देहरादून के रुटों को भी शामिल किया गया है. इन रुटों पर बड़ी संख्य़ा में लोग छुट्टियां मनाने के लिए आवाजाही करते हैं.

उत्तर पूर्वी राज्य हिमालयन क्षेत्र में होने की वजह से लोगों के आने जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. उत्तर पूर्वी राज्यों के कई बड़े शहर भी अबतक रेलवे नेटवर्क से जुड़ नहीं पायें है. लिहाजा लोगों को कहीं आने जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. इसी समस्या को देखते हुए केंद्र सरकार ने उडान स्कीम में उत्तर पूर्वी राज्यों के लिए अच्छी संख्या में हवाई रुटों की मंजूरी दी है.

गुवाहाटी से तेजू, तेजू से इम्फाल, गुवाहाटी से रुपसी, रुपसी से कोलकाता, आईजोल से तेजपुर,अगरतल्ला से डिब्रूगढ़, शिलांग से पस्सीघाट, पस्सीघाट से गुवाहाटी, गुवाहाटी से तेजपुर, गुवाहाटी से मीसा(हेलीपोर्ट), मीसा(हेलीपोर्ट) से गेलकी, मीसा(हेलीपोर्ट) से गुवाहाटी, अगाती से मिनिकॉय, अगाती से कवारत्ती, गुवाहाटी से शिलांग, दीमापुर से शिलांग, इम्फाल से शिलचर, अगरतल्ला से शिलांग, शिलांग से इम्फाल, शिलांग से सिलचर, शिलांग से डिब्रूगढ़ शामिल किया गया है. इसके अलावा बिलासपुर से भोपाल, दिव से सूरत, दिव से वडोदरा सहित कुल 78 हवाई मार्गों के आवंटन को मंजूरी दी हैं.

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