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आरटीआई : लॉकडाउन में श्रमिक स्पेशल ट्रेनों में सफर कर रहे मज़दूरों से लिया गया किराया

तर्कसंगत

September 3, 2020

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लॉकडाउन के दौरान अपने घरों को लौटना चाह रहे श्रमिकों से किराया न लेने के सुप्रीम कोर्ट आदेश के बावजूद मजदूरों से टिकट के पैसे लेने की खबर काफी समय तक छायी रही.

हालाँकि सरकार और भरतीय रेल ने समय समय पर इस बात का विरोध भी किया कि भारतीय रेल ने इस तरह के हजारों लोगों से करोड़ों रुपये किराया वसूला है. इसके अलावा कोर्ट ने ट्रेन में खाना-पानी भी मुहैया कराने का निर्देश दिया था, लेकिन इस कार्य के लिए रेलवे की ओर से मामूली राशि खर्च की गई है, जो दर्शाती है कि सभी यात्रियों को इसका लाभ नहीं मिल पाया होगा.

इस बात का खुलासा  द वायर की रिपोर्ट के मुताबिक उन्होनें RTI का इस्तेमाल करते हुए ये पता लगाया है कि भारतीय रेल के उत्तर मध्य ज़ोन के प्रयागराज डिवीजन ने जून महीने में श्रमिक ट्रेनों में यात्रा करने वाले 46,650 यात्रियों से करीब 2.12 करोड़ रुपये का किराया वसूला है.

रेलवे द्वारा श्रमिकों से ये किराया सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद वसूला गया है. 26 अगस्त, 2020 को भेजे अपने जवाब में डिवीजन की वाणिज्य शाखा ने बताया, ‘जून, 2020 महीने में 46,650 यात्रियों से 2,11,71,600 रुपये रेल किराये के रूप में प्राप्त किए गए हैं.‘इसके अलावा मई महीने में कुल 90,847 लोगों ने श्रमिक ट्रेनों से यात्रा की थी और उनसे करीब 4.80 करोड़ रुपये का रेल किराया वसूला गया था.

इससे पहले मालूम हो कि लॉकडाउन के कारण देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे हुए प्रवासियों, मजदूरों की पीड़ा पर संज्ञान लेते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने 28 मई को अपने एक महत्वपूर्ण आदेश में कहा था कि ट्रेन या बस से यात्रा करने वाले किसी भी प्रवासी मजदूर से किराया नहीं लिया जाएगा. 

उधर बीते जून महीने में एक स्वयंसेवी संगठन स्ट्रैंडेड वर्कर्स एक्शन नेटवर्क (स्वान) की आई एक रिपोर्ट के मुताबिक 85 फीसदी से अधिक मजदूरों को घर लौटने के लिए अपनी यात्रा के खर्च का खुद भुगतान करना पड़ा है. इस सर्वे रिपोर्ट में कहा गया कि 28 मई को सुप्रीम कोर्ट का प्रवासी मजदूरों की घर वापसी की यात्रा के खर्चे को लेकर दिया गया निर्देश बहुत देर में आया है. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि लॉकडाउन के दौरान घर पहुंचे मजदूरों में से 62 फीसदी ने यात्रा के लिए 1,500 रुपये से अधिक खर्च किए थे.

इसके अलावा भारतीय रेलवे ने कोरोना वायरस लॉकडाउन के दौरान फंसे हुए प्रवासी कामगारों को घर भेजने के लिए श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाकर कम से कम 429 करोड़ रुपये कमाया है.

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