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500 ट्रैन और 10,000 स्टॉपेज को बंद करने की तैयारी में रेल विभाग, टाइम टेबल में किया बदलाव

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Image Credits: Economic Times

September 4, 2020

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भारतीय रेलवे अधिक मांग वाले क्षेत्रों में यात्रियों की सुविधाओं को देखते हुए अधिक स्पेशल ट्रेन चलाने की योजना बना रहा है जिसके लिए राज्य सरकारों से सहमति मांगी जा रही है। रेल मंत्रालय के प्रवक्ता ने हालांकि, यह नहीं बताया कि वर्तमान में चल रहीं 230 स्पेशल ट्रेनों के अतिरिक्त ऐसी कितनी और ट्रेन चलाई जाएंगी।

कोरोना महामारी को रोकने के लिए लगाए गए लॉकडाउन के बाद से देश में रेल सेवा ठप पड़ी हुई है। सबसे ज्यादा असर यात्री ट्रेनों पर पड़ा है। रेलवे की ओर से महामारी के बाद के समय के लिए तैयार किए जा रहे टाइम टेबल में से 500 यात्री ट्रेनें और 10,000 स्टॉपेज को खत्म कर सकता है।

डेक्कन हेराल्ड की खबर में कहा गया है कि रेलवे कोरोना महामारी के बाद ट्रेनों के संचालन के लिए ‘जीरो बेस्ड टाइम टेबल’ तैयार कर रहा है। इसके तहत वह अपनी सालाना कमाई में 1,500 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी करना चाहता है। रेलवे यह अतिरिक्त कमाई बिना किराया या अन्य चार्ज बढ़ाए ही पाना चाहता है। रेल मंत्रालय के आंतरिक की अनुमानों के मुताबिक, यह अतिरिक्त कमाई टाइम टेबल और परिचालन नीति में आधारभूत बदलाव के जरिए हासिल की जाएगी।

नए टाइम टेबल में 15 प्रतिशत माल गाड़ियों के लिए जगह बनाई जाएगी। इससे वह विशेष कॉरिडोर पर तेज रफ्तार से चल सकेंगी। पूरे रेल नेटवर्क में ट्रेनों के कम होने से पैसेंजर ट्रेनों की रफ्तार भी 10% तक बढ़ने की उम्मीद जताई गई है।

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक रेलवे ने रेल संचालन के लिए बनाए गए टाइम टेबल को जीरो-बेस्ड टाइम टेबल नाम दिया है। इसे रेलवे ने IIT बॉम्बे के विशेषज्ञों के साथ मिलकर बिल्कुल नए सिरे से तैयार किया है। इस पर लॉकडाउन के दौरान ही काम शुरू हो गया था, जब देशभर में यात्री ट्रेनें बंद थीं। इस दौरान रेलवे को यह टाइम टेबल तैयार के लिए पर्याप्त समय मिला है। रेलवे के कई उच्चाधिकारियों ने इस टाइम टेबल को वरीयता दी थी।

जो ट्रेनें सालाना तौर पर औसत 50 प्रतिशत यात्री से कम यात्री को लेकर चल रही है, उन्हें नेटवर्क में जगह नहीं दी जाएगी। हालांकि, ऐसी ट्रेनों को कुछ अन्य लोकप्रिय ट्रेनों से मिलाया जाएगा। इसी तरह शहरों के रास्ते में न आने तक लंबी दूरी की ट्रेनों का 200 किलोमीटर की दूरी तक कोई स्टॉप नहीं होगा। इसके लिए कुल 10,000 स्टॉप की लिस्ट तैयार की गई है, जिन्हें खत्म किया जाएगा। हालांकि, यह स्टॉप कुछ ट्रेनों के लिए ही हटाए जाएंगे।

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