ख़बरें

बैंगलोर में कोरोना से ठीक हो चुकी मरीज़ रीइन्फेक्शन के कारण दोबारा हुई कोरोना पॉजिटिव

तर्कसंगत

Image Credits: Amar Ujala

September 7, 2020

SHARES

भारत में विकराल रूप ले चुके कोरोना वायरस के दोबारा संक्रमण का डरावना मामला कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से सामने आया है। यहां Covid-19 से स्वस्थ हो चुकी एक महिला फिर से वायरस से संक्रमित पाई गई है। बेंगलुरु में कोरोना री-इन्फेक्शन का यह पहला मामला है।

एक 27 वर्षीय महिला जुलाई में कोरोना से संक्रमित पाई गई थी। रिकवर होने के बाद उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। अस्पताल के आधिकारिक बयान में कहा गया है कि महिला पर किए गए परीक्षणों से पता चलता है कि उसने कोरोनावायरस के प्रति कोई प्रतिरक्षा विकसित नहीं की थी।

 

एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार अस्पताल के डॉक्टर प्रतीक पाटिल ने कहा, ‘आमतौर पर संक्रमण के मामले में, कोविड इम्युनोग्लोबुलिन जी एंटीबॉडी टेस्ट संक्रमण के 2-3 सप्ताह के बाद पॉजिटिव आता है (यह दिखाते हुए कि रोगी ने कोविड से लड़ने वाली कोशिकाओं का विकास किया है)। हालांकि, इस केस में एंटीबॉडी टेस्ट नेगेटिव निकला है, जिसका मतलब है कि संक्रमित होने के बाद उसके शरीर में इम्युनिटी नहीं बनी। दूसरी संभावना ये है कि एंटीबॉडी एक महीने के भीतर गायब हो गए, जिसकी वजह से री-इंफेक्शन हो गया। री-इंफेक्शन के बाद उसके लक्षण हल्के होते हैं।’

हॉंगकॉंग, नीदरलैंड, बेल्जियम में कोरोना री-इन्फेक्शन के कुछ केस सामने आए हैं। दोबारा कोरोना वायरस की चपेट में आए केस ने वैक्सीन तैयार कर रहे साइंटिस्ट्स को भी चिंता में डाल दिया है। वैक्सीन कोरोना वायरस के अलग-अलग स्ट्रेनों के खिलाफ सफल होगी भी या नहीं, इस पर सवालिया निशान लग गए हैं।

उन्होंने आगे कहा, ‘री-इंफेक्शन के मामलों का मतलब है कि मरीज के शरीर में एंडीबॉडी शायद नहीं बने। इसकी वजह से संक्रमण फिर से व्यक्ति को अपनी चपेट में ले लेता है.’ बता दें कि भारत में कोरोना के मामले 41 लाख का आंकड़ा पार कर चुके हैं। कर्नाटक की बात करें तो राज्य में COVID-19 के कुल मामले 3,89,232 हैं और मृतकों की संख्या 6,298 हो गई है। कर्नाटक में 2,83,298 मरीज ठीक हो चुके हैं।

 

अपने विचारों को साझा करें

संबंधित लेख

लोड हो रहा है...