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SEBI नियमों के अनुरूप IRCTC में अपनी हिस्सेदारी बेचेगी केंद्र सरकार

तर्कसंगत

September 10, 2020

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सरकार ने इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (IRCTC) में कुछ हिस्सेदारी बेचना चाहती है। यह विनिवेश इसी कारोबारी साल में हो सकता है। बिक्री प्रक्रिया का मैनेज करने के लिए (Department of Investment and Public Asset Management) दीपम ने मर्चेंट बैंकर्स से रिक्वेस्ट फॉर प्रोपोजल (RFP) आमंत्रित किया है।

हालांकि, इसने रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (RFP) में प्रस्ताव पर हिस्सेदारी की मात्रा का खुलासा नहीं किया। मर्चेंट बैंकर्स को अपनी बोली 10 सितंबर तक जमा करनी है।

इकनोमिक टाइम्स की रिपोर्ट  में कहा गया है कंपनी में अभी सरकार की हिस्सेदारी 87.40 फीसदी है। सेबी के पब्लिक शेयरहोल्डिंग नियमों का पालन करने के लिए सरकार को कंपनी में अपनी हिस्सेदारी घटाकर 75 फीसदी पर लानी है।

आईआरसीटीसी पिछले साल अक्टूबर में शेयर बाजार पर लिस्ट हुआ था। आईपीओ में कंपनी ने 645 करोड़ रुपए जुटाए थे। ओएफएस से सरकार को 2.10 लाख करोड़ रुपए का विनिवेश लक्ष्य हासिल करने में भी मदद मिलेगी।

सरकार इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉरपोरेशन (IRFC) को भी लिस्ट करना चाहती है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अप्रैल 2017 में पांच रेलवे कंपनियों को लिस्ट करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। इनमें से आईआरएफसी को छोड़कर शेष चार कंपनियां लिस्ट हो चुकी हैं। लिस्ट होने वाली कंपनियों में इरकॉन इंटरनेशनल, आरआईटीईएस, रेल विकास निगम और आईआरसीटीसी शामिल हैं।

जून तिमाही में निफ्टी की कंपनियों का कुल प्रॉफिट पिछले साल के मुकाबले 40% घट गया, इसके बावजूद यह विश्लेषकों के अनुमान से बेहतर रहा।

IRCTC, भारतीय रेलवे द्वारा अधिकृत एकमात्र इकाई है। भारत में रेलवे स्टेशनों, ट्रेनों में ऑनलाइन रेलवे टिकट और पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर की आपूर्ति करने के लिए अक्टूबर 2019 में स्टॉक एक्सचेंजों में सूचीबद्ध किया गया था।

दीपम ने लाइफ इंश्योरेंस कंपनी (LIC) को भी बाजार में लिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। उसने प्री-आईपीओ ट्रांजेक्शन एडवायजर नियुक्त कर दिया है। सरकार अगले साल जनवरी-मार्च तिमाही में एलआईसी को बाजार में लिस्ट करना चाहती है।

 

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