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आज से 25 सितम्बर तक प्रधानमंत्री मोदी देंगे बिहार को कई योजनाओं की सौगात

तर्कसंगत

Image Credits: Hindustan

September 10, 2020

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विधानसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज से बिहार को विभिन्न योजनाओं की सौगात देने का सिलसिला शुरू करेंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बिहारवासियों को 294.53 करोड़ की विभिन्न योजनाओं की सौगात देंगे। अगले 25 सितम्बर तक पांच चरणों में अन्य विभागों की योजनाओं के शिलान्यास व उद्घाटन का कार्यक्रम होना है, जिसमें बिहार को कई अन्य सौगातें मिलेंगी।

टाइम्स ऑफ़ इंडिया के खबर के मुताबिक पीएम जिन योजनाओं की सौगात देंगे उनमें प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना, बिहार पशु विश्वविद्यालय भी शामिल है। इसके अलावा पीएम पूर्णिया सीमेन स्टेशन का शुभारंभ, मसौढ़ी में 2 करोड़ की लागत से फिश ऑन व्हील्स की भी शुरुआत करेंगे। साथ ही, पीएम मोदी बड़ी सड़क परियोजनाओं की नींव भी रख सकते हैं। इनमें, रजौली से बख्तियारपुर, नरेनपुर से पूर्णिया, कन्हौली से रामनगर और आरा से मोहनिया शामिल हैं। इन परियोजनाओं में लगभग 6 हजार करोड़ की लागत लगेगी. मिली जानकारी के अनुसार इसका शिलान्यास पीएम 11 सितंबर को कर सकते हैं।

इसके अलावा प्रधानमंत्री 11 करोड़ की लागत से निर्मित स्कूल ऑफ एग्रीबिजिनेस एंड रूरल मैनेजमेंट के भवन का उद्घाटन और 27 करोड़ की लागत से छात्रावास को समर्पित करेंगे। वे राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत 84.27 करोड़ की लागत से पूर्णिया स्टेशन, 8.06 करोड़ की लागत से बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, पटना में इम्ब्रयो ट्रांसफर टेक्नोलॉजी (ईटीटी) एवं आइवीएफ लैब तथा 2.13 करोड़ की लागत से बेगूसराय, खगडिय़ा, समस्तीपुर, नालंदा और गया में तैयार सॉर्टेड सीमेन परियोजना का शुभारंभ करेंगे।

पीएम मोदी इसके अलावा डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, समस्तीपुर में कुल 74 करोड़ की विभिन्न योजनाओं के उद्घाटन व शिलान्यास करेंगे। 25 करोड़ की लागत से तैयार स्टेडियम और 11 करोड़ की लागत से बनने वाले अंतरराष्ट्रीय अतिथि गृह का शिलान्यास करेंगे।

पीएमएमएसवाई मत्स्य क्षेत्र पर केंद्रित और सतत विकास योजना है। इस योजना को वर्ष 2020-2021 से 2024-2025 की अवधि के दौरान सभी राज्यों में कार्यान्वित किया जाना है। इस योजना में 20,050 करोड़ रुपये का अनुमानित निवेश होना है।

पीएमएमएसवाई के अंतर्गत 20,050 करोड़ रुपये का निवेश मत्स्य क्षेत्र में होने वाला सबसे बड़ा निवेश है। इसमें से लगभग 12,340 करोड़ रुपये का निवेश समुद्री, अंतर्देशीय मत्स्य पालन और जलीय कृषि में लाभार्थी केंद्रित गतिविधियों पर तथा 7,710 करोड़ रुपये का निवेश फिशरीज इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए प्रस्तावित है।

पीएमओ के मुताबिक, इस योजना के उद्देश्यों में 2024-25 तक मछली उत्पादन अतिरिक्त 70 लाख टन बढ़ाना, 2024-25 तक मछली निर्यात से आय 1,00,000 करोड़ रुपये तक करना, मछुआरों और मत्स्य किसानों की आय दोगुनी करना, पैदावार के बाद नुकसान 20-25 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत करना तथा मत्स्य पालन क्षेत्र और सहायक गतिविधियों में 55 लाख प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा करना शामिल हैं।

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