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तमिलनाडु में प्रधानमंत्री किसान योजना में 110 करोड़ का घोटाला, 18 गिरफ़्तार

तर्कसंगत

Image Credits: New Indian Express

September 10, 2020

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केंद्र सरकार की सबसे बड़ी स्कीम में बड़ा घोटाला उजागर हुआ है. तमिलनाडु सरकार ने गरीबों को लाभ पहुंचाने वाली प्रधानमंत्री किसान योजना में 110 करोड़ रुपये से अधिक के बड़े घोटाले का खुलासा किया है. पीएम किसान सम्मान निधि योजना में हुए इस घोटाले का पर्दाफाश होने के बाद कुछ ऐसे लोगों का भी पता चला है जो योग्य न होते हुए भी इसका लाभ ले रहे थे.

इंडिया टुडे के अनुसार  तमिलनाडु सरकार ने जो जांच कराई उस जांच में ये बात सामने आयी है कि धोखाधड़ी करके 110 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान ऑनलाइन निकाल लिया गया. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक फिलहाल इस मामले में 18 लोगों को गिरफ्तार किया गया है.

प्रमुख सचिव गगनदीप सिंह बेदी ने कहा कि उन्होंने पहली बार अगस्त में देखा कि इस योजना में असामान्य रूप से लाभार्थियों की संख्या बढ़ गई है. ऐसा खासकर 13 जिलों में हुआ. बेदी ने कहा कि 18 लोगों को, जो एजेंट या दलाल थे, उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है. जबकि एग्रीकल्चर स्कीम से जुड़े 80 अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया गया है और 34 अधिकारियों को निलंबित भी कर दिया गया है.

एग्रीकल्चर विभाग के अधिकारियों ने ऑनलाइन आवेदन अनुमोदन प्रणाली का उपयोग किया था और कई लाभार्थियों को अवैध रूप से जोड़ा था. मॉडस ऑपरेंडी में सरकारी अधिकारी शामिल थे, जो नए लाभार्थियों में जुड़ने वाले दलालों को लॉगिन और पासवर्ड प्रदान करते थे और उन्हें 2000 रुपये देते थे.

एक बड़ी बात ये भी सामने आ रही है कि जिन लोगों को स्कीम से जोड़ा गया, उनमें से तमाम को तो स्कीम के बारे में अच्छे से जानकारी भी नहीं थी. बल्कि कइयों को तो अपने जोड़े जाने की भी ख़बर नही थी.

इससे पहले अभी अगस्त में भी पीएम किसान स्कीम में घपले की बात सामने आई थी. किसानों के लिए चलने वाली स्कीम का पैसा ऐसे लोगों को दिया जा रहा था, जिनका खेती-किसानी से कोई वास्ता नहीं. दो अधिकारियों को सस्पेंड भी किया गया था. जांच में पता चला था कि करीब छह हजार रुपए सालाना की रकम, जो किसानों को मिलनी चाहिए थी, वो अन्य लोगों को मिल रही थी. इसमें भी कमीशनखोरी चल रही थी.

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