ख़बरें

भारतीय रेलवे की जेनरल और स्लीपर कोच को AC कोच में बदलने की तैयारी

तर्कसंगत

Image Credits: ERail

September 11, 2020

SHARES

भारतीय रेलवे यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए आए दिन नए कदम उठा रहा है. इस बार रेलवे आम नागरिकों को कम किराए पर AC कोच में सफर करने की सुविधा देना चाहता है. इसके लिए रेलवे ने स्लीपर और गैर-आरक्षित श्रेणी (अनारक्षित) कोच को AC कोच में बदलने का प्लान तैयार किया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रेलवे इसके जरिए देशभर में AC ट्रेनों को लाने की योजना बना रहा है जिससे यात्रियों को कम खर्च में बेहतर सफर की सुविधा मिलेगी. अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक अपग्रेड किए हुए स्लीपर कोच को इकोनॉमिकल एसी 3-टियर कहा जाएगा.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक रेल कोच फैक्ट्री कपूरथला को स्लीपर कोच के एसी कोच में बदलने काम सौंपा गया है. अखबार को सूत्रों ने बताया कि इन नए इकोनॉमिकल AC 3-टियर में 72 बर्थों की जगह 83 बर्थ होंगी. शुरुआत में इन कोच को एसी-3 टियर टूरिस्ट क्लास भी कहा जाएगा. बताया जा रहा है कि इन ट्रेनों का किराया भी सस्ता होगा ताकि यात्री इसमें सफ़र कर सके. पहले फेज में इस तरह के 230 डिब्बों का उत्पादन किया जाएगा.

अखबार को सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक हर कोच को बनाने में 2.8 से 3 करोड़ रुपए तक का अनुमानित खर्चा आएगा, जो कि एसी 3-टियर को बनाने के खर्च से 10 फीसदी ज्यादा है. हालांकि ज्यादा बर्थ और मांग के चलते रेलवे को इकोनॉमिकल एसी 3-टियर से अच्छी कमाई की उम्मीद है. इसके अलावा अनआरक्षित जनरल क्लास के डिब्बों को भी 100 सीट के एसी डिब्बों में बदला जाएगा. इनके लिए डिजाइन को अंतिम प्रारूप दिया जा रहा है. 2004-09 के बीच UPA-I सरकार के दौरान ने इकोनॉमिकल एसी 3-टियर क्लास डिब्बों को तैयार करने के बारे में योजना तैयार की थी. उसी समय गरीब रथ एक्सप्रेस ट्रेनें लॉन्च हुई थीं, जिन्हें एसी इकोनॉमी क्लास कहा गया. हालांकि यात्रियों ने इसमें सफर के दौरान परेशानी की बात कही. साथ ही ट्रेन में भीड़भाड़ की स्थिति भी पैदा होने लगी. बाद में इस तरह के कोच का उत्पादन बंद कर दिया गया.

अपने विचारों को साझा करें

संबंधित लेख

लोड हो रहा है...