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सुदर्शन चैनल के ‘UPSC जिहाद’ कार्यक्रम को केंद्र सरकार का समर्थन, अब होगा प्रसारण

तर्कसंगत

September 11, 2020

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सुदर्शन न्यूज़ के विवादास्पद कार्यक्रम ‘नौकरशाही जिहाद’ के प्रसारण को केंद्र सरकार ने गुरूवार को हरी झंडी दे दी है। सुदर्शन न्यूज़ के संपादक सुरेश चव्हाणके द्वारा 28 अगस्त से रात 8 बजे ‘नौकरशाही जिहाद’ कार्यक्रम का प्रसारण किया जाना था लेकिन दिल्ली हाई कोर्ट ने इसके प्रसारण पर रोक लगा दी थी। जस्टिस नवीन चावला ने रोक लगाने का आदेश जामिया मिल्लिया इसलामिया के छात्रों की ओर से अदालत में दायर याचिका पर सुनवाई के बाद दिया था।

सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने सुदर्शन न्यूज़ चैनल को निर्देश दिया है कि उसका कार्यक्रम स्थापित नियमों का उल्लंघन न करे। मंत्रालय ने कहा कि अगर ऐसा होता है तो क़ानून के मुताबिक़ कार्रवाई की जाएगी।

सुरेश चव्हाणके ने 26 अगस्त के आसपास ‘नौकरशाही जिहाद’ कार्यक्रम का एक टीजर वीडियो ट्विटर पर डाला था। इस वीडियो में सुरेश चव्हाणके ने सरकारी नौकरियों में मुसलमानों की घुसपैठ का आरोप लगाते हुए इसे ‘नौकरशाही जिहाद’ या ‘यूपीएससी जिहाद’ का नाम दिया था। हैरानी की बात यह है कि जिस ट्वीट में उन्होंने यह वीडियो जारी किया था, उसमें देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत को भी टैग किया था।

 

मंत्रालय ने अब दी हरी झंडी

शो के प्रोमो को लेकर शिकायतों पर कदम उठाते हुए सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने सुदर्शन न्यूज को एक नोटिस जारी किया और केबल टेलीविजन नेटवर्क नियम 1994 के तहत वर्णित कार्यक्रम संहिता के संदर्भ में शो के बारे में स्पष्टीकरण देने को कहा था।

मंत्रालय ने अपने आदेश में कहा कि दिल्ली हाई कोर्ट ने चैनल को 28 अगस्त को रात आठ बजे कार्यक्रम के प्रसारण से रोक दिया था। अदालत ने चैनल को मंत्रालय के नोटिस पर अपना जवाब देने को कहा था।

मंत्रालय के नौ सितंबर की तारीख वाले आदेश में हाई कोर्ट के निर्देशों का भी जिक्र किया गया है। आदेश में कहा गया, ‘‘नियम के मुताबिक टीवी चैनलों पर प्रसारित किए जाने वाले कार्यक्रमों (फिल्मों, फिल्मी गाने या फिल्मी प्रोमो या फिल्म के ट्रेलर, जिन्हें सीबीएफसी से पहले प्रमाणपत्र लेना होता है) पर पहले से रोक की व्यवस्था नहीं है।’’

मंत्रालय ने कहा कि चैनल ने अपने लिखित जवाब में कहा है कि प्रस्तावित कार्यक्रम कानून का उल्लंघन नहीं करता है और कार्यक्रम नियमों का उल्लंघन करे तो कानून के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

सुरेश चव्हाण के नेतृत्व वाले चैनल ने अपने रूख को दोहराया और कहा कि यूपीएससी में मुस्लिमों की कथित ‘‘घुसपैठ’’ पर शुक्रवार को रात आठ बजे ‘बिंदास बोल’ कार्यक्रम का प्रसारण किया जाएगा।

 

आईएएस और आईपीएस अफसरों ने की थी आपत्ति

सुरेश चव्हाणके के इस वीडियो पर सामाजिक कार्यकर्ताओं से लेकर आईपीएस एसोसिएशन, आईपीएस अफ़सरों और आईएएस अधिकारियों ने आपत्ति की थी और इसे नफ़रत फैलाने वाला क़रार दिया है। दिल्ली पुलिस में इसके ख़िलाफ़ शिकायत दी गई थी और यूपीएससी के अध्यक्ष को पत्र लिखकर सख़्त कार्रवाई करने की मांग भी की गई थी।

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