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प्रधानमंत्री मोदी सहित भारतीय राजनेताओं, खिलाड़ियों, नौकरशाहों तक की जासूसी कर रही ही ये चीनी कम्पनी

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Image Credits: Indian Express

September 14, 2020

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चीन की एक कम्पनी भारत के 10 हज़ार ज्यादा लोगों की जासूसी कर रही है. इन 10 हज़ार लोगों में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, चीफ जस्टिस, कांग्रेस प्रेसिडेंट, राज्यों के मुख्यमंत्री के अलावा और बहुत सारे नामचीन लोग शामिल हैं. ये ख़ुलासा इंडियन एक्सप्रेस अख़बार की खोजी रपट में हुआ है.

द इंडियन एक्सप्रेस की एक जांच में पता चला है कि चीन की सरकार और चीनी कम्युनिस्ट पार्टी से जुड़ाव वाली कंपनी झेनहुआ ​​डेटा इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी कंपनी लिमिटेड अपने विदेशी डेटाबेस के टार्गेट्स में 10,000 से अधिक भारतीय व्यक्तियों और संगठनों की निगरानी कर रही है।

जेनहुआ ​​डेटा इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी कंपनी लिमिटेड द्वारा वास्तविक समय में भारत में लक्षित और चिन्हित किए गए टार्गेट्स की सीमा काफी व्यापक है – जिसे इंडियन एक्सप्रेस, द ऑस्ट्रेलियन फाइनेंशियल रिव्यू,इटली के इल फोग्लियो, और द डेली टेलीग्राफ, लंदन सहित समाचार संगठनों के साथ एक स्रोत द्वारा साझा किया गया है।

केवल ऑस्ट्रेलिया में, कंपनी से 35,000 से अधिक ऑस्ट्रेलियाई लोगों का डेटा लीक हुआ है। एकत्र की गई जानकारी में जन्मतिथि, पते, वैवाहिक स्थिति के साथ-साथ तस्वीरें, राजनीतिक संगठन, रिश्तेदार और सोशल मीडिया आईडी शामिल हैं। प्रधान मंत्री स्कॉट मॉरिसन, एटलसियन सह-संस्थापक माइक कैनन-ब्रूक्स, स्कॉट फ़ार्क्वर साथ ही साथ व्यापारिक नेता डेविड गोन्स्की और जेनिफर वेस्टकॉट भी हैं जिनके नाम 35,558 लोगों में से हैं। इन सबका डेटा झेनहुआ ​​द्वारा संकलित किया है।

एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक़, ‘चीन राष्ट्र को नई मजबूती देने और ‘हाइब्रिड वॉरफ़ेयर’ के लिए इन ‘विदेशी टारगेट्स’ की सूची तैयार की गयी है। हाइब्रिड वॉरफ़ेयर यानी सूचनाओं के सहारे युद्ध लड़ना। बड़ी बात यह है कि बड़े पैमाने पर जासूसी कर रही इस झेंहुआ कंपनी में चीन सरकार की भी हिस्सेदारी है।

 

भारत में इन सबकी जासूसी

ये कंपनी राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, पीएम नरेंद्र मोदी, कांग्रेस प्रेसिडेंट सोनिया गांधी और उनके परिवार के लोगों की जासूसी कर ही रही थी। इसके अलावा मुख्यमंत्रियों में ममता बनर्जी, अशोक गहलोत, अमरिंदर सिंह, उद्धव ठाकरे, नवीन पटनायक, शिवराज सिंह चौहान पर भी नजर रख रही थी। केंद्रीय मंत्रियों में राजनाथ सिंह, रविशंकर प्रसाद, निर्मला सीतारमण, स्मृति ईरानी, पीयूष गोयल इसके रडार पर थे।

चीफ ऑफ़ डिफ़ेंस स्टाफ़ बिपिन सिंह रावत और उनके साथ-साथ आर्मी, नेवी और एयरफ़ोर्स के 15 पूर्व प्रमुख, मुख्य न्यायाधीश एसए बोबड़े, जज एएम खानविलकर, लोकपाल जज पीसी घोष, CAG जीसी मुर्मू की हर गतिविधि पर कंपनी नजर रख रही है। इनके अलावा पेमेंट ऐप Bharat Pe के संस्थापक निपुण मेहरा और ऑथेंटिकेशन टेक्नॉलजी फर्म ऑथब्रिज के संस्थापक अजय त्रेहान पर भी इसकी नजरें थीं। रतन टाटा और गौतम अडानी की भी चीन की ये कम्पनी जासूसी कर रही है।

 

रिश्तेदारों की भी जासूसी

सिर्फ़ नेता ही नहीं बल्कि उनके पतियों या पत्नियों और घर के दूसरे सदस्यों की भी निगरानी की जा रही है। मसलन, नरेंद्र मोदी की पत्नी जसोदाबेन, मनमोहन सिंह और उनकी पत्नी गुरशरण कौर और उनकी बेटियां, गांधी परिवार में राहुल-प्रियंका के अलावा दिवंगत राजीव गांधी, स्मृति ईरानी के पति ज़ूबिन ईरानी, अखिलेश यादव, उनके पिता मुलायम, पत्नी डिम्पल, ससुर, चाचा शिवपाल और रामगोपाल केे भी नाम लिस्ट में हैं।

पूर्व मुख्यमंत्रियों में लालू यादव, रमन सिंह, अशोक चव्हाण, सिद्दारमैया समेत दिवंगत एम करुणानिधि और कांशीराम के बारे में भी जानकारियां जुटाई जा रही थीं।

अखबार का दावा है कि चीन की इस कंपनी ने अलग से 250 नौकरशाहों की लिस्ट तैयार कर रखी है। इसमें विदेश सचिव हर्ष वर्धन शृंगला, नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत जैसे नाम भी हैं। खिलाड़ियों में सचिन तेंदुलकर, फ़िल्मकार श्याम बेनेगल, नृत्यांगना सोनल मानसिंह भी इसके रडार पर हैं।

इन सभी के अलावा बहुत सारे नौकरशाहों, जजों, वैज्ञानिकों, पत्रकारों, रिसर्चर्स, अभिनेताओं, खिलाड़ियों, धार्मिक नेताओं और एक्टिविस्टों के नाम इस लिस्ट में शामिल हैं। करप्शन, स्कैम, आतंकवाद, स्मगलिंग के आरोपियों पर भी नजर रखी जा रही थी।

सोशल मीडिया के डाटा, ऑनलाइन गतिविधियां, रिसर्च पेपर के आकड़े, लेख, न्यूज़, पेटेंट्स और कम्पनी में रिक्तियों की पोज़िशन से झेंहुआ कंपनी जानकारियां जुटाती रही है। ख़ास व्यक्तियों के नेटवर्क, उनके संस्थान और संगठनों पर फ़ोकस रखा जाता है।

 

1 सितंबर को कंपनी की वेबसाइट http://www.china-revival.com में उल्लिखित ईमेल आईडी पर द इंडियन एक्सप्रेस द्वारा भेजे गए एक विस्तृत सवालों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। वास्तव में, कंपनी ने 9 सितंबर को अपनी वेबसाइट को बंद कर दिया है।

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