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संसद में सरकार ने बताया कि पिछले 4 साल में बैंक फ्रॉड करके कितने लोग देश छोड़ भागे

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Image Credits: News Click

September 15, 2020

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कल से शुरू हुए संसद के सत्र में वित्त मंत्रालय ने एक प्रश्न के जवाब में एक रिपोर्ट पेश की। रिपोर्ट के मुताबिक वित्त मंत्रालय ने कहा है कि वित्तीय धोखाधड़ी के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा जांच किए जा रहे अड़तीस लोग चार साल की अवधि में देश से भाग गए।

सरकार ने यह भी उल्लेख किया कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सूचित किया है कि धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत 20 लोगों के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस, इंटरपोल के साथ दायर किए गए हैं।

इसके अलावा, 14 लोगों के लिए प्रत्यर्पण अनुरोध विभिन्न देशों में भेजे गए हैं, जबकि भगोड़े आर्थिक अपराधी अधिनियम, 2018 के तहत 11 लोगों के खिलाफ आवेदन दायर किए गए थे। हालांकि, सरकार ने यह नहीं बताया कि इन भगोड़ों पर आरोप कितना बड़ा है, यानी उन्होंने कितना बड़ा फ्रॉड किया है.

14 सितंबर को मॉन्सन सत्र के दौरान एक प्रश्न के जवाब में यह विवरण प्रदान किया गया था. प्रश्न कांग्रेस नेता डीन कुरीकोज ने पुछा था जिसमें उन व्यवसायियों पर सरकार से डेटा उपलब्ध कराने की मांग की थी जो पिछले पांच साल में  बैंकों को धोखा देने के बाद देश छोड़कर भाग गए थे।

इस सवाल का जवाब देते हुए, वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा, “सीबीआई ने अवगत कराया है कि बैंकों के साथ वित्तीय अनियमितताओं से संबंधित जांच एजेंसी द्वारा दर्ज मामलों में शामिल 38 व्यक्ति देश में 1.1.2015 से 31.5.2019 के दौरान भाग गए।  ऐसे सभी मामलों में कानून के अनुसार कार्रवाई की जाती है। ”

सरकार ने इसके पहले 4 जनवरी, 2019 को प्रवर्तन निदेशालय के हवाले से संसद में बताया था कि पिछले पांच सालों में 27 बैंक फ्रॉड के आरोपी देश से भाग चुके हैं। तत्कालीन वित्त राज्य मंत्री ने संसद में बताया था कि ‘प्रवर्तन निदेशालय के मुताबिक, पिछले पांच सालों और वर्तमान साल में डिफॉल्ट करने वाले बिजनेसमेन/आर्थिक अपराधी जो कानूनी प्रक्रिया से बचने के लिए किसी दूसरे देश चले गए हैं/देश छोड़कर भाग चुके हैं, उनकी संख्या 27 है.’ और अब डेढ़ साल में यह आंकड़ा 27 से 38 हो चुका है।

इनमें से दो भगोड़ों- सनी कालरा और विनय मित्तल को वापस लाया जा चुका है। कालरा पर पंजाब नेशनल बैंक के साथ 10 करोड़ का फ्रॉड करने का आरोप है, वहीं मित्तल पर बैंकों के साथ 40 करोड़ का फ्रॉड करने का आरोप है। बाकियों को अभी दूसरे देशों ने निकाला नहीं जा सका है। इस लिस्ट में 9,000 करोड़ के फ्रॉड का आरोपी विजय माल्या, 12,000 करोड़ के फ्रॉड के आरोपी मेहुल चोकसी, नीरव मोदी और उसका परिवार और 15,000 करोड़ के फ्रॉड के आरोपी संदेसारा ग्रुप के मालिक और उसके करीबी शामिल हैं।

रेड कॉर्नर नोटिस दुनिया भर में कानून प्रवर्तन के लिए एक अनुरोध है जो किसी व्यक्ति के प्रत्यर्पण, आत्मसमर्पण, या किसी अन्य कानूनी कार्रवाई को लंबित करने का पता लगाने और अस्थायी रूप से गिरफ्तार करने के लिए है। यह एक सदस्य देश के अनुरोध पर इंटरपोल द्वारा प्रकाशित किया जाता है।

इंटरपोल की वेबसाइट पर उपलब्ध सार्वजनिक आंकड़ों के अनुसार, 14,000 करोड़ रुपये के नेशनल बैंक (PNB) घोटाले के सिलसिले में भगोड़े डायनामेंट नीरव मोदी और कारोबारी मेहुल चोकसी के लिए रेड कॉर्नर नोटिस जारी किए गए हैं।

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