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नाइजीरिया ने रेप को बताया राष्ट्रिय आपातकाल, बलात्‍कार के दोषी को नपुंसक बनाएगी

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Image Credits: Wiimedia/Britannica

September 18, 2020

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नाइजीरिया के एक प्रांत ने रेपिस्‍टों को कड़ी सजा देने के लिए एक ऐसा शख्‍त कानून बनाया है, जहां बलात्‍कार के दोषी को नपुंसक बनाया जाएगा. वहीं, 14 साल से कम उम्र की लड़की से दुष्‍कर्म पर मौत की सजा दी जाएगी. बता दें कि पूर्व के कानून में वयस्कों से दुष्कर्म करने पर 21 साल जेल की सजा और बच्चियों से दुष्कर्म के लिए आजीवन कारावास की सजा का प्रावधान था.

नाइजीरिया के कदूना राज्य के गर्वनर ने एक कानून पर दस्तखत किए हैं, जिसके तहत दुष्कर्म के दोषी करार दिए गए व्यक्ति को सर्जरी कर नपुसंक बना दिया जाएगा और 14 साल से कम उम्र की लड़की के साथ दुष्कर्म करने वाले को मृत्युदंड दिया जाएगा.

गर्वनर नासिर अहमद अल रूफाई ने कहा कि दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई से बच्चों को जघन्य अपराध से बचाने में मदद मिलेगी. कोरोना वायरस महामारी के दौरान नाइजीरिया में दुष्कर्म के मामलों में बढ़ोतरी हुई है. महिला संगठनों ने दुष्कर्मियों के खिलाफ मृत्युदंड समेत कठोर कार्रवाई का अनुरोध किया था.

अफ्रीका की सबसे घनी आबादी वाले देश नाइजीरिया में दुष्कर्म के अपराध को रोकने के लिए कदूना राज्य में सबसे कठोर कानून बनाया गया है.

राज्य में हाल में संशोधित दंड संहिता में कहा गया है कि 14 साल से अधिक उम्र की लड़कियों, महिलाओं से दुष्कर्म करने वालों को आजीवन कारावास की सजा दी जाएगी. पूर्व के कानून में वयस्कों से दुष्कर्म करने पर 21 साल जेल की सजा और बच्चियों से दुष्कर्म के लिए आजीवन कारावास की सजा का प्रावधान था.

 

रेप को बताया था राष्ट्रिय आपातकाल

आपको बता दें नाइजीरिया में कोरोना वायरस लॉकडाउन में महिलाओं के रेप की घटनाएं तीन गुना बढ़ गई हैं. इसके अलावा देश में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए हैं. इसी कारण देश में 36 राज्यों के राज्यपालों ने आपातकाल की घोषणा की गई है.

बता दें कि महिलाओं के खिलाफ हिंसा बढ़ने के कारण देश में महिला अधिकार कार्यकर्ताओं और अन्य लोगों ने सोशल मीडिया पर #WeAreTired नाम से देशव्यापी अभियान चलाया. इसके अलावा सड़कों पर भी लोगों ने प्रदर्शन किए हैं. मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्यपालों ने आपातकाल की घोषणा की.

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