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भारतीय सेना में महिलाओं की बढ़ती हिस्सेदारी की ये दो खबरें आपका भी उत्साह बढ़ाएंगी

तर्कसंगत

Image Credits: NDTV

September 22, 2020

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भारतीय सेना में महिलाओं के बढ़ते कदमों की बानगी पेश करती दो खबरें आई हैं। पहली खबर के अनुसार, देश के इतिहास में पहली बार दो महिला अधिकारियों को चालक दल के सदस्य के तौर पर नौसेना के युद्धपोत पर तैनात किया जाएगा।

 

पहली खबर

एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, सब-लेफ्टीनेंट कुमुदनी त्यागी और सब-लेफ्टिनेंट रीति सिंह वे दो महिला अधिकारी हैं जो नौसेना के युद्धपोत पर तैनाती के जरिए इतिहास रचेंगी।

यूं तो भारतीय नौसेना में पिछले काफी समय से महिला अधिकारी कार्यरत हैं, लेकिन चालक दल के क्वार्टर्स में गोपनीयता की कमी और महिलाओं के लिए उचित बाथरूमों की उपलब्धता जैसे कई मसलों की वजह से अभी तक किसी भी महिला अधिकारी को लंबे समय के लिए युद्धपोतों पर नहीं भेजा गया था।

अब सब-लेफ्टीनेंट कुमुदनी और सब-लेफ्टिनेंट रिति की तैनाती के साथ ये रिकॉर्ड बदलने जा रहा है। इन दोनों महिला अधिकारियों को नौसेना के मल्टी-रोल हेलीकॉप्टर्स के कई सेंसर्स को संचालित करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है

ये उम्मीद की जा रही है कि ये दोनों अधिकारी नौसेना के नए MH-60R हेलीकॉप्टर्स को उड़ाएंगी। अपने वर्ग में दुनिया का सबसे उन्नत मल्टी-रोल हेलीकॉप्टर्स माने जाने वाला MH-60R दुश्मन के जहाजों और पनडुब्बियों का पता लगाने में सक्षम है।

2018 में तत्कालीन रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने अमेरिकी कंपनी लॉकहीड-मार्टिन से MH-60R खरीदने के लिए 2.6 अरब डॉलर के सौदे को मंजूरी दी थी। इस सौदे के तहत भारत ने 24 हेलीकॉप्टर खरीदे हैं।

दूसरी खबर

दूसरी खबर की बात करें तो इंडिया टुडे  की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय वायुसेना ने राफेल लड़ाकू विमान उड़ाने के लिए एक महिला पायलट का चयन किया है।

इस महिला पायलट को ट्रेनिंग दी जा रही है और वह जल्द ही अंबाला की 17 स्क्वाड्रन (गोल्डन ऐरोज स्क्वाड्रन) के साथ राफेल उड़ाती हुई नजर आएंगी। बता दें कि 10 सितंबर को भारतीय वायुसेना में शामिल हुए राफेल लड़ाकू विमानों को उड़ाने की जिम्मेदारी 17 स्क्वाड्रन को दी गई है।

रिपोर्ट के अनुसार, जिस महिला फाइटर पायलट का चयन किया गया है, वह लड़ाकू विमान से संबंधित ट्रेनिंग पहले ही पूरी कर चुकी हैं और अभी MIG-21 लड़ाकू विमान उड़ाने के लिए तैनात थीं। अब उन्हें राफेल लड़ाकू विमान को उड़ाने की ट्रेनिंग दी जा रही है जो MIG-21 लड़ाकू विमान के मुकाबले ज्यादा उन्नत और आधुनिक है।

रिपोर्ट में संवेदनशीलता को देखते हुए महिला पायलट का नाम नहीं बताया गया है।

सरकार ने 2016 में महिलाओं को लड़ाकू विमान उड़ाने की मंजूरी दी थी और इसी साल फ्लाइट लेफ्टीनेंट अवनी चतुर्वेदी, फ्लाइट लेफ्टीनेंट भावना कंठ और फ्लाइट लेफ्टीनेंट मोहना सिंह लड़ाकू विमान उड़ाने वाली पहली तीन महिला फाइटर पायलट बनी थीं।

अभी तक वायुसेना में 10 महिला फाइटर पायलटों को शामिल किया जा चुका है और राफेल उड़ाने जा रही महिला पायलट इन्हीं में से एक है। जल्द ही अन्य महिला फाइटर पायलट भी वायुसेना में शामिल होंगी।

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