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कश्मीर की महिला फूटबाल खिलाड़ी अफशां आशिक़ फिट इंडिया डायलॉग में PM से बात करेंगी, तो इसमें ख़ास क्या है?

तर्कसंगत

Image Credits: Zee News

September 24, 2020

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आज कश्मीर की महिला फुटबॉल खिलाड़ी अफशां आशिक़ सुर्खियाँ में है. कारण है कि आज उन चुनिंदा खिलाइयों में से एक है जो फिट इंडिया डायलॉग सत्र के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात करेंगी.

अफशां के अलावे विराट कोहली, पैरालम्पिक स्वर्ण विजेता देवेंद्र झाझरिया, मिलिंद सोमन आदि भी मोदी के साथ जुड़ेंगे.

अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) ने विज्ञप्ति में कहा, ”यह बातचीत ऑनलाइन होगी जिसमें हिस्सा लेने वाले लोग अपनी कहानियां साझा करेंगे और अपने सफर के दौरान अपनी फिटनेस के गुर बताएंगे। प्रधानमंत्री मोदी भी स्वास्थ्य और फिटनेस को लेकर अपना पक्ष रखेंगे.”

उन्होंने कहा, ”इस आनलाइन बातचीत के दौरान पोषण, स्वास्थ्य और फिटनेस से जुड़े अन्य पहलुओं पर चर्चा होगी क्योंकि कोविड-19 महामारी के बीच फिटनेस जीवन का अहम पहलू बन गई है.”

 

अफशां क्यों हैं ख़ास?

दिसंबर 2017 में अफशां की एक फोटो सोशल मीडिया पर वाइरल हो गई हुई थी, जिसमें वह जम्मू-कश्मीर पुलिस पर पत्थर फेंकती दिख रही थीं. अफशां उस समय श्रीनगर में टूरिस्ट रिसेप्शन सेंट ग्राउंड में 12 से 22 साल की कश्मीरी लड़कियों को फुटबॉल की कोचिंग दे रही थी, तब यह घटना घटी थी.

 

इतर अफशां के हवाले से कहा, “उन्होंने (पुलिस ने) हमारे साथ दुर्व्यवहार किया, मेरे छात्रों को थप्पड़ मारा. अगर वे हमारे साथ इस तरह के व्यवहार करते हैं तो वे हमसे क्या उम्मीद करते हैं”. उन्होंने कहा, “मुझे एक पत्थरबाज करार दिया गया, लेकिन मैं हमेशा से एक फुटबालर रही हूं. मैं बस एक दिन थी.” अफशां ने आगे कहा, “मैंने चिल्लाया ‘तुम मुझे पत्थरबाज क्यों कह रहे हो, मैं वह नहीं हूं’. मुझे कहा गया था कि तुम एक पेशेवर पत्थरबाज की तरह ही फेकों. मीडिया ने उस तरह की अजीब कहानी बनाई और मैंने कहा था कि ‘कृपया इसे हटा दें’. सोशल मीडिया पर जारी फोटो में अफशां का चेहरा डुपट्टा से ढका हुआ था.

 

 

उन्होंने कहा, ” उस घटना के बाद जब मैं ट्रेनिंग के लिए गई तो मैंने सोचा कि किसी को भी यह नहीं पता होगा कि यह मैं थी. बाद में खेल सचिव ने आकर मुझसे कहा कि अब आप सोशल मीडिया पर प्रसिद्ध हैं. मैंने जवाब दिया कि मैंने कुछ भी नहीं किया है. उन्होंने कहा कि आपको पता चल जाएगा कि आपने क्या किया.” अफशां ने ट्रेनिंग के दौरान वही ड्रेस पहनी थी जो उन्होंने पत्थर फेंकने के दौरान पहनी थी. इससे खेल सचिव को उनकी पहचान करने में मदद मिली. उन्होंने कहा ‘मैं आपके साथ हूं. आप बस मीडिया से बात करें और उन्हें सच्चाई बताएं. बस उन्हें बताएं कि क्या हुआ था.’ हर कोई सोच रहा है कि कश्मीर में खेल का कोई भविष्य नहीं है और मैंने सोचा कि ठीक है, मैं बात करूंगी.”

कश्मीरी एफसी एकेडमी का संचालन करने वाली अफ्शां 70 युवाओं को प्रशिक्षण देती हैं. उनमें 40 लड़कियां और 30 लड़के हैं. उन्होंने मौलाना आजाद रोड स्थित वुमेन्स कॉलेज से स्नातक की डिग्री हासिल की है.

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