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बिहार : तीन चरण में होंगे विधानसभा चुनाव, 28 अक्टूबर, 3,7 नवंबर को वोटिंग, 10 नवंबर को नतीजे

तर्कसंगत

September 25, 2020

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बिहार विधानसभा चुनाव 2020 की तारीखों का आज ऐलान हो गया है। आज चुनाव आयोग ने नई दिल्ली में बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ही निर्वाचन आयोग बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान किया। मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने कहा कि चुनाव आयोग बिहार विधानसभा चुनावों की घोषणा करने के लिए यहां है। उन्होंने कहा कि कोविड के चलते 70 से ज्यादा देशों ने अपने देश के चुनाव टाल दिए हैं। कोरोना काल में लोगों के हेल्थ और सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाएगा। चुनाव आयोग ने इसके लिए काफी तैयारी की है। चुनाव कार्यक्रम को भी इसी को ध्यान में रखकर बनाया गया है। राज्यसभा चुनाव और विधान परिषद चुनावों में हमने ऐसा किया है।

चुनाव आयोग के आधिकारिक प्रवक्ता शेफाली शरण ने बिहार चुनाव की तारीखों के ऐलान की जानकारी देते हुए कहा था कि चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस बिहार चुनाव को लेकर ही होगी। कोरोना काल के बाद देश में बिहार विधानसभा चुनाव के तौर पर पहला चुनाव हो रहा है।

 

तीन चरणों में विधानसभा चुनाव

बिहार में तीन चरण में होगा विधानसभा चुनाव। पहले चरण में 16 जिलों की 71 सीटों पर चुनाव होगा। दूसरे चऱण में 17 जिलों की 94 सीटों पर चुनाव होगा। तीसरे चरण में 15 जिलों की 78 सीटों पर मतदान होगा।

 

10 नवंबर को आएगा परिणाम

पहले चरण का चुनाव 28 अक्टूबर , दूसरे चरण का तीन नवंबर और तीसरे चरण का चुनाव सात नवंबर को होगा। 10 नवंबर तारीख को चुनाव परिणाम की घोषणा होगी।

 

मतदान का समय बढ़ाया गया

चुनाव आयुक्त ने कहा कि मौजूदा हालात के मद्देनजर वोटिंग का समय एक घंटा बढ़ा दिया गया है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों को छोड़कर सामान्य इलाकों में सुबह 7 से शाम 5 की बजाय सुबह 7 से शाम 6 के बीच मतदान होगा।

 

आखिरी घंटे में वोट डालेंगे कोरोना मरीज

चुनाव आयोग ने कहा कि मतदान के अंतिम समय में कोरोना पीड़ित अपना वोट डाल सकेंगे, जिनके लिए अलग व्यवस्था होगी। प्रचार मूल रूप से वर्चुअल ही होगा, लेकिन जिला अधिकारी छोटी रैली की जगह और वक्त तय करेंगे। हर पोलिंग बूथ पर साबुन, सैनिटाइजर समेत अन्य चीजों का प्रबंध रहेगा।

 

डोर-टू-डोर कैंपेन में सिर्फ पांच लोगों को इजाजत

चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने साफ कर दिया कि कोरोना की वजह से एक बार में एक साथ पांच से ज्यादा लोग किसी के घर जाकर प्रचार नहीं कर पाएंगे। विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार समेत कुल 5 लोग ही डोर टू डोर कैंपेन में हिस्सा लेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि चुनावी कैंपेन के दौरान पब्लिक गैदरिंग्स में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा।

 

जरूरत के हिसाब से पोस्टल बैलेट की व्यवस्था

चुनाव आयोग ने कहा कि जहां पर जरूरत होगी और मांग की जाएगी, वहां पोस्टल बैलेट की व्यवस्था की जाएगी।  चुनाव प्रचार सिर्फ वर्चुअल होगा और नामांकन भी ऑनलाइन भरे जा सकेंगे। इसके अलावा राजनीतिक दलों के लिए यह अनिवार्य होगा कि वे वेबसाइट पर कैंडिडेट्स के खिलाफ अपराधिक मामलों की जानकारी दें। कैंडिडेट्स को अखबार में भी इसकी जानकारी देनी होगी।

 

वर्चुअली करना होगा चुनाव प्रचार

चुनाव आयोग ने बताया कि इस बार पार्टियों और उम्मीदवारों को वर्चुअल चुनाव प्रचार होगा। कोरोना की वजह से बड़ी- बड़ी जनसभाएं नहीं की जा सकेंगी। इसके अलावा, नॉमिनेशन के दौरान किसी भी उम्मीदवार के साथ दो से अधिक गाड़ियां नहीं जा सकतीं।

 

सोशल मीडिया पर रखी जाएगी पैनी नजर

इस बार सुरक्षा में लगे कर्मियों की संख्या भी बढ़ाई गई है। सभी मतदान केंद्र ग्राउंड फ्लोर पर ही होंगे। उम्मीदवारों के बारे में जानकारी वेबसाइट पर देनी होगी। उम्मीदवारों पर केस की जानकारी सार्वजनिक की जाएगी। सिक्यॉरिटी डिपॉजिट भी ऑनलाइन जमा कराना होगा। चुनाव आयुक्त ने कहा कि सोशल मीडिया का इस्तेमाल भी एक चुनौती है। सोशल मीडिया पर कोई भी अगर समाज में तनाव पैदा करने की कोशिश करता है तो उसपर कानूनी कार्रवाई होगी।

बता दें कि बिहार की 243 सदस्यीय विधानसभा का कार्यकाल 29 नवम्बर को समाप्त होगा और बिहार में इससे पहले विधानसभा का चुनाव हो जाना निश्चित है।

 

इन दिशा-निर्देशों का करना होगा पालन

चुनाव आयोग कोरोना काल में बिहार में चुनाव कराने को लेकर पहले ही अपनी गाइडलाइन जारी कर चुका है। चुनाव आयोग के मुताबिक, आगामी बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान इन गाइडलाइन्स का पालन सुनिश्चित करना होगा। चुनाव आयोग की तरफ से गाइडलाइन के मुताबिक, विधानसभा चुनाव के लिए जहां एक तरफ ऑनलाइन नामांकन भरने होंगे तो वहीं और भी कई नियमों का कड़ाई से पालन करना होगा।

चुनाव प्रचार के दौरान डोर-टू-डोर कैंपन में अधिकतम पांच लोगों की इजाजत होगी। रोड शो के दौरान एक काफिले में 10 की जगह पांच गाड़ियों की टुकड़ियां बनानी होंगी (सुरक्षा वाहनों को छोड़कर, यदि कोई हो)। वाहनों के काफिले के दो सेटों के बीच 100 मीटर के अंतराल की जगह आधा घंटे का अंतर होना चाहिए।

गृह मंत्रालय की तरफ से जारी कोविड-19 गाइडलाइन्स का पालन सुनिश्चित करते हुए रैली और सार्वजनिक सभाओं की इजाजत दी गई है। जिला चुनाव अधिकारी को सार्वजनिक सभाओं के लिए मैदान की एडवांस में प्रवेश और निकासी मार्ग के साथ पहचान करनी होगा। इन सभी मैदानों में जिला चुनाव अधिकारी की तरफ यहां शामिल होने आने वाले लोगों के लिए एडवांस में सोशल डिस्टेंसिंग  मार्क करना होगा।

नोडल हेल्थ ऑफिसर को भी इसमें शामिल करना होगा ताकि यह सुनिश्चित हो पाए कि सभी जिलों में कोविड-19 से संबंधित गाइडलाइन्स का पालन किया जा रहा है। जिला चुनाव अधिकारी और डीएसपी को यह सुनिश्चित करना होगा कि राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की तरफ से तय लोगों से उस सार्वजनिक सभी में शामिल न हो।

इसके साथ ही, चुनाव आयोग ने कोरोना संकट को ध्यान में रखते हुए चुनाव के दौरान कुछ खास सावधानियां बरतने को कहा है। गाइडलाइन्स में कहा गया है कि फेस मास्क, सैनिटाइजर, थर्मल स्कैनर, ग्लव्स, फेशियल पीपी किट्स का इस्तेमाल चुनाव प्रक्रिया के दौरान किया जाएगा और सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का भी पालन किया जाएगा।

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