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कोरोना के बाद चीन के ये वायरस अब हो सकता है खतरनाक, ICMR ने दी है चेतावनी

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Image Credits: Global Tribune

September 29, 2020

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कोरोना वायरस से पूरी दुनिया परेशान है. चीन से निकला ये वायरस लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। अभी दुनिया इस वायरस से निपटने का रास्ता तलाश रही है, ऐसे में चीन से एक और नए वायरस की खबरें आ गई हैं। आईसीएमआर ने इसे लेकर चेतावनी भी जारी कर दी है।

वैज्ञानिकों ने यह भी कहा है कि यह वायरस कोरोना महामारी के बीच देश में दूसरी बीमारी फैलाने की भी क्षमता रखता है।

 

कैट क्यू (CQV) वायरस

इस वायरस का नाम CQV यानी Cat Que Virus जो ज्यादातर सुअर और मच्छरों के जरिए फैलता है और ICMR के मुताबिक ये भारत में भी बीमारी फैला सकता है। हिन्दुस्तान टाइम्स के अनुसार ICMR के वैज्ञानिकों ने बताया कि खोजा गया नया वायरस कैट क्यू वायरस (CQV) है।

यह आर्थ्रोपोड-जनित वायरस की श्रेणी में आता है और सूअर और क्यूलेक्स मच्छरों में पाया जाता है। इस वायरस की चीन और वियतनाम में बड़े पैमाने पर मौजूदगी मिली है। वैज्ञानिकों ने कहा कि भारत में सुअर और जंगली मैना पक्षी की बड़ी संख्या में मौजूदगी इस वायरस के भारत में बड़े स्तर पर फैलने की आशंका जताती है।

एंटीबाडी से हुई पुष्टि

पुणे के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी के वैज्ञानिकों ने देश भर में 883 लोगों का सीरम टेस्ट किया था, जिनमें से 2 लोगों में CQV वायरस की एंटीबॉडी मिली हैं। मतलब ये कि ये लोग इस वायरस से संक्रमित हुए थे। जांच में सामने आया कि दोनों लोग किसी समय वायरस से संक्रमित थे। कर्नाटक के इन नमूनों को 2014 और 2017 में एंटी-CQV IgG एंटीबॉडी की उपस्थिति के लिए सकारात्मक पाया गया था। मच्छरों में इस वायरस की उपस्थिति भारत में बीमारी का संकेत है।

मच्छर और पालतू सुअर

ICMR वैज्ञानिकों के अध्ययन के अनुसार CQV वायरस को मच्छरों से अलग करते हुए पहचाना गया है। पक्षियों में इसकी उपस्थिति और उनके जरिए मनुष्य तक इसके संक्रमण पहुंचने की रिपोर्ट अभी सामने नहीं आई है। घरेलू सुअरों में इस वायरस की उपस्थिति पाई गई है और यह मनुष्यों तक संक्रमण पहुंचा जा सकता है। इसका जिक्र हाल ही में आए Indian Journal of Medical Research में किया गया है। CQV यानी Cat Que Virus आर्बोवायरस में से एक है। यह आर्थोपोडा वर्ग के कीड़े-मकोड़ों जैसे मच्छर, मक्खी, कॉकरोच, बिच्छू और खटमल वगैरह से फैलता है और ये इंसानों में बच्चों में इंसेफेलाइटिस की वजह बन सकता है और उनकी जान भी ले सकता है।

चीन में बड़ी संख्या में पालतू सुअरों में इस वायरस की उपस्थिति पाई गई है। ऐसे में यह चिंता का विषय है।

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