ख़बरें

NCRB रिपोर्ट: 2019 में देश में हर रोज हुआ 87 महिलाओं का रेप, 2018 से 7.3 प्रतिशत ज़्यादा

तर्कसंगत

September 30, 2020

SHARES

राजनीतिक पार्टियों और सरकारों के तमाम दावों के बीच महिलाओं के खिलाफ अपराध कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं और पिछले साल देश में हर रोज औसतन 87 महिलाओं का रेप हुआ।

यही नहीं महिलाओं के खिलाफ अन्य तरह के अपराधों में भी वृद्धि आई है और महिलाओं के खिलाफ अपराधों में कुल 7.3 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। प्रति एक लाख महिलाओं पर अपराध की दर भी पहले के मुकाबले बढ़ गई है।

देश में 2019 में साल भर के दौरान महिलाओं के खिलाफ 4,05,861 मामले दर्ज किए गए जो कि 2018 की तुलना में 7 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोत्तरी है. नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) ने ताजा आंकड़े जारी किए हैं. 2019 की रिपोर्ट के अनुसार भारत में महिलाओं के खिलाफ अपराध पिछले साल से 7.3 प्रतिशत बढ़ गए हैं. 2018 में प्रति लाख महिला जनसंख्या में अपराध दर 58.8 प्रतिशत था जो कि 2019 में बढ़कर 62.4 प्रतिशत हो गया है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि देश में 2018 में महिलाओं के खिलाफ 3,78,236 अपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं. 2018 में 33,356 रेप के मामले दर्ज किए गए थे. भारतीय दंड संहिता के तहत महिलाओं पर होने वाले हमलों में अधिकांश मामलों में पति या उसके रिश्तेदारों द्वारा क्रूरता के 30.9 प्रतिशत मामले दर्ज किए गए हैं. एनसीआरबी के 2019 के डेटा के अनुसार 17.9 प्रतिशत मामलों में महिलाओं के अपहरण का मामला सामने आया है.

केवल महिलाएं ही नहीं, एनसीआरबी के आंकड़ों से यह पता चला है कि बच्चों के खिलाफ अपराधों से जुड़े मामलों में बढ़ोत्तरी हुई है. 2018 से 2019 में बच्चों के खिलाफ अपराधों में 4.5 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है. 2019 में बच्चों के खिलाफ अपराध के कुल 1.48 लाख मामले दर्ज किए गए, जिनमें से 46.6 प्रतिशत अपहरण के मामले थे और 35.3 प्रतिशत मामले यौन अपराधों से संबंधित थे.

एनसीआरबी केंद्रीय गृह मंत्रालय के तहत कार्य करता है. एजेंसी को देशभर से अपराध डेटा एकत्र करने और उसका विश्लेषण करने का काम सौंपा जाता है. एजेंसी ने 36 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों और 53 महानगरों के आंकड़ों का एनालिसिस करने के बाद तीन खंड की रिपोर्ट तैयार की है.

अपने विचारों को साझा करें

संबंधित लेख

लोड हो रहा है...