ख़बरें

बिहार चुनाव: देश में पहली बार ट्रांसजेंडर बनेंगी पीठासीन पदाधिकारी

तर्कसंगत

Image Credits: Ujjawal Prabhat

October 5, 2020

SHARES

बिहार विधानसभा चुनाव में  पहली बार है कि देश में किसी ट्रांसजेंडर को चुनाव के लिए पीठासीन पदाधिकारी बनाया जाएगा। पटना की मोनिका देश की पहली ट्रांसजेंडर बैंकर हैं, वो अभी केनरा बैंक में कार्यरत हैं। इस बार बिहार विधानसभा चुनाव में मोनिका दास पीठासीन पदाधिकारी के तौर पर एक बूथ की पूरी जिम्मेदारी संभालेंगी।

मतदान कराने से लेकर मॉनिटरिंग तक की जिम्मेदारी मोनिका दास की होगी। मोनिका को पीठासीन अधिकारी के तौर पर आठ अक्टूबर को प्रशिक्षण दिया जाएगा। मोनिका से पहले पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में ट्रांसजेंडर रिया सरकार को पोलिंग ऑफिसर बनाया जा चुका है।

रिया सरकारी स्कूल टीचर हैं। वहीं अब बिहार विधानसभा में पहली बार किसी ट्रांसजेंडर को पीठासीन पदाधिकारी बनाया गया है। आपको बता दें कि मोनिका दास पटना विश्वविद्यालय से लॉ में गोल्ड मेडलिस्ट हैं। इसके साथ ही सौंदर्य प्रतियोगिता में फेस ऑफ पटना भी रह चुकी हैं।

पीठासीन पदाधिकारी को रिटर्निंग ऑफिसर के सभी प्रासंगिक निर्देशों को तैयार रखना होगा। मतदान केंद्र के स्थान और यात्रा कार्यक्रम के बारे में सारी जानकारी होनी चाहिए। चुनाव से संबंधित सभी रिहर्सल और प्रशिक्षण वर्गों में भाग लेना चाहिए। इसके साथ ही यह सुनिश्चित करना होता है कि सभी मतदाताओं के साथ निष्पक्ष और सम्मान के साथ व्यवहार किया जाए।

बता दें कि इससे पहले पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में ट्रांसजेंडर रिया सरकार को पोलिंग ऑफिसर बनाया जा चुका है। ट्रांसजेंडर समुदाय को समाज की मुख्यधारा से जुड़ने के लिए यह चुनाव आयोग की सकारात्मक पहल है।
ट्रांसजेंडर समुदाय को समाज की मुख्यधारा से जुड़ने के लिए यह चुनाव आयोग की सकारात्मक पहल है। वैसे ट्रांसजेंडर जो मुख्यधारा में शामिल नहीं है। उन्हें प्रेरणा मिलेगी। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट से ट्रांसजेंडर को तीसरे लिंग के रूप में मान्यता मिलने के बाद समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास जारी है। राज्य में ट्रांसजेंडर को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए किन्नर कल्याण बोर्ड बनाया जा चुका है। इसके अलावा पहली बार किन्नर महोत्सव भी मनाया जाता है।

अपने विचारों को साझा करें

संबंधित लेख

लोड हो रहा है...