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निर्भया के दोषियों के वकील ए पी सिंह अब लड़ेंगे हाथरस के आरोपियों का केस

तर्कसंगत

October 6, 2020

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निर्भया कांड की तरह हाथरस में हुई घटना ने एक बार फिर पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है. सड़क से लेकर सोशल मीडिया तक हाथरस की बिटिया को न्याय दिलाने की मांग हो रही है। अब यह इत्तेफाक ही है कि निर्भया मामले में जिन दो वकीलों ने केस की पैरवी कोर्ट में की थी वे एक बार फिर आमने-सामने हो सकते हैं। निर्भया के दोषियों को फांसी की सजा दिलाने वाली अधिवक्ता सीमा समृद्धि कुशवाहा ने हाथरस कांड की पीड़‍िता का केस लड़ने की बात कही है। वहीं, निर्भया कांड के दोषियों का केस लड़ने वाले अधिवक्ता ए पी सिंह से हाथरस के आरोपियों के परिजनों ने संपर्क किया है।

इंडिया टुडे के अनुसार अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री राजा मानवेंद्र सिंह ने कहा कि हाथरस मामले के आरोपियों का बचाव करने के लिए महासभा ने निर्भया मामले के दोषियों का केस लड़ने वाले वकील ए पी सिंह को चुना है। उनकी फीस चुकाने के लिए महासभा ने बहुत सारा धन भी जुटा लिया है।

उन्होंने कहा कि हाथरस मामले के जरिए SC-ST समुदाय उच्च जाति को निशाना बना रहा है। मानवेंद्र सिंह ने कहा कि वकील ए पी सिंह मामले की सच्चाई सामने लेकर आएंगे। अभी तक इसमें उच्च जाति के युवाओं को दोषी ठहराकर उनकी सजा की मांग की जा रही है, लेकिन महासभा इस तरह की साजिश को सफल नहीं होने देगी।

सवर्ण समाज का धरना

इस मामले में आरोपियों को उच्च जाति के लोगों का समर्थन मिल रहा है और वह निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। पिछले सप्ताह सवर्ण समाज के लोगों ने मामले के आरोपियों को न्याय दिलाने की मांग को लेकर धरना भी दिया था।

इसके बाद आरोपियों के पक्ष में एक पंचायत भी आयोजित की गई थी। उसमें लोगों ने कहा था कि यदि बच्चे दोषी है तो उन्हें सजा मिलनी चाहिए, लेकिन निर्दोष को दोषी नहीं ठहराया जाना चाहिए।

केस ट्रान्सफर करने की मांग

पीड़िता के परिवार की तरफ से निर्भया मामले से चर्चा में आईं अधिवक्ता सीमा कुशवाहा को नियुक्त किया गया है। उन्होंने वकालतनामा पर हस्ताक्षर भी कर दिया है। सीमा कुशवाहा ने कहा है कि वह जल्द ही सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दाखिल कर मुकदमे की सुनवाई दिल्ली स्थानांतरित करने की मांग करेंगी। उन्होंने बताया कि जब तक मामला उत्तर प्रदेश से बाहर नहीं किया जाएगा, हाथरस की बेटी को इंसाफ नहीं मिलेगा। आरोपियों को सजा दिलाने के लिए वह पूरा प्रयास करेंगी। उन्हें पूराी उम्मीद है कि एक दिन हाथरस की बेटी को न्याय मिलेगा और दोषियों को सख्त से सख्त सजा मिलेगी।

गैंगरेप के बाद हत्या

चंदपा थानान्तर्गत आने वाले एक गांव की 19 वर्षीय दलित युवती से गांव के उच्च जाति के चार युवकों ने गत 14 सितंबर को गैंगरेप किया था। हमले में पीड़िता की कमर और गले की हड्डी टूट गई थी। मंगलवार को उसने दिल्ली में दम तोड़ दिया था। इसके बाद पुलिस ने परिजनों को जबरन घर में बंद कर आधी रात में उसका अंतिम संस्कार कर दिया। इस मामले की दिल्ली के निर्भया केस से तुलना की जा रही है

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