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मध्य प्रदेश के ट्रांसजेंडर सौरव किट्टू टांक ने फतह की वर्जिन पीक

तर्कसंगत

Image Credits: Twitter/ABVP voice

October 7, 2020

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अपने हौसले और अदम्य साहस का परिचय देते हुए मध्य प्रदेश की ट्रांसजेंडर सौरव किट्टू टांक ने 6 हजार मीटर की ऊंचाई पर स्थित हिमाचल प्रदेश की वर्जिन पीक फतह कर ली है। यह उपलब्धि हासिल करने वाले वो देश के पहली ट्रांसजेंडर हैं। उनकी इस उपलब्धि पर केंद्रीय खेल राज्य मंत्री किरण रिजिजू ने दिल्ली में उनका सम्मान किया।

किट्टू ने दो अक्टूबर गांधी जयंती के दिन इस माउंटेन पीक को फतह किया। किट्टू भारत के पहले ट्रांसजेंडर हैं जिन्होंने आईएमएफ (इंडियन मांउटेनिंग फेडरेशन) द्वारा परमिट माउंटेन एक्सपीडिशन में हिस्सा लिया। यह वर्जिन पीक हिमाचल प्रदेश की स्पिति वैली में है। यहां का औसतन तापमान माइनस 15 डिग्री सेल्सियस रहता है।

रिजिजू ने उन्हें बधाई  देने के साथ ही उनका सम्मान भी किया। किट्टू के साथ उनकी कोच मेघा परमार भी मौजूद थी। वर्जिन पीक खतरों से भरी है। यहां कभी भी बर्फ की बारिश होना आम बात है। इस पीक को फतह करना आपने आप में काफी बहादुरी का काम है। किट्टू पिछले छह महीनों से मेघा परमार और एसके प्रसाद के साथ ट्रेंनिग कर रहे थे।

 

 

वह हर दिन सुबह 10 किलोमीटर दौड़ते थे। उनकी ट्रेंनिग और डाइट का ख्याल उनकी गुरु मेघा परमार ने रखा। सौरव ने यह पीक फतह करते ही एक संदेश दिया। उनका कहना है कि किसी भी स्कूल, कॉलेज या प्रसाशनिक संस्था में लड़का लड़की और ट्रांसजेंडर का अलग अलग टॉयलेट होना चाहिए। वो आगे कहते हैं कि यह लड़ाई सिर्फ टॉयलेट की नहीं है, बल्कि यह ट्रांसजेंडर के सम्मान की लड़ाई है। उन्होंने पीक पर पहुंचते ही नारा दिया “नर, नारी, किन्नर एक समान।”

वर्जिन पीक अपने अप्रत्यशित मौसम के लिए जानी जाती है. यहाँ तापमान -15डिग्री तक चला जाता है। बारिश भी यहाँ कभी भी हो जाती है साथ ही चोटी तक का रास्ता अत्यंत ही दुर्गम और कठिन है। यहाँ बर्फ पड़ने के साथ साथ तेज़ हवाएं भी चढ़ाई को मुश्किल बना देती है।

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