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हाथरस आरोपी ने एसपी को लिखी चिट्ठी में पीड़िता के परिवार के बारे में क्या खुलासा किया है?

तर्कसंगत

Image Credits: Navodaytimes/NewsHindi

October 8, 2020

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हाथरस के बुलगढ़ी गांव में 19 साल की दलित लड़की के साथ कथित गैंगरेप और उसकी मौत के मामले में गुरुवार को नया खुलासा हुआ है। मुख्य आरोपी संदीप ने 7 अक्टूबर को जेल से हाथरस के एसपी को पत्र लिखा, जो गुरुवार को सामने आया। संदीप ने खुद को और तीन अन्य आरोपियों को बेकसूर बताते हुए पीड़ित की मां और उसके भाई पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

इंडिया टुडे  के मुताबिक चिट्ठी में आरोपी ने लिखा है कि हम लोग निर्दोष हैं और यह पूरा मामला ऑनर किलिंग का है। उसने बताया है कि पीड़िता से उसकी दोस्ती थी और वह कभी- कभी उससे मिलने के साथ-साथ फोन से बात कर लेता था।

संदीप ने कहा, ‘लड़की से दोस्ती थी। ये बात उसके परिवार को पसंद नहीं थी। घटना वाले दिन मैं मौके पर था, लेकिन मुझे लड़की की मां और भाई ने घर भेज दिया था। बाद में मुझे आरोपी बनाकर जेल भेज दिया गया। लड़की के साथ उसकी मां और भाई ने ही मारपीट की, जिससे उसकी मौत हो गई।’ संदीप ने निष्पक्ष जांच की मांग की है। लेटर पर अन्य आरोपी रवि, रामू और लवकुश ने नाम लिखा और अंगूठा लगाया।

संदीप ने लिखा कि उसने कभी भी विक्टिम के साथ मारपीट नहीं की, न ही उसके साथ कोई गलत काम किया। उसने बताया कि विक्टिम की मां और भाई ने उसे झूठे आरोप में  फंसाकर जेल भेजा है। उसने ये भी लिखा कि अन्य आरोपियों पर भी झूठा इल्ज़ाम लगाया गया है।

 

 

चिट्ठी में न्याय की मांग

संदीप का कहना है कि वह इस मामले में निर्दोष है और उसके साथ-साथ उसके रिश्तेदारों को भी फंसाया जा रहा है। हाथरस एसपी ने इस चिट्ठी के उनके पास तक पहुंचने की पुष्ठि की है मगर इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं की। संदीप ने लिखा, ‘‘मुझे 20 सितंबर को झूठे मुकदमे में जेल भेजा गया है। मुझ पर आरोप लगाया कि गांव की लड़की के साथ गलत काम और मारपीट की गई थी, जिसकी बाद में मौत हो गई। इस झूठे केस में अलग-अलग दिनों में गांव के तीन अन्य लोगों लवकुश, रवि और रामू को जेल भेजा गया। वे मेरे रिश्ते में चाचा हैं। पीड़ित गांव की अच्छी लड़की थी, उससे मेरी दोस्ती थी। मुलाकात के साथ मेरी और उसकी कभी-कभी फोन पर भी बात होती थी, लेकिन हमारी दोस्ती उसके परिवार वालों को पसंद नहीं थी।’’

 

परिवार का इंकार

पीड़िता के पिता ने आरोपियों द्वारा लगाए गए आरोपों से इनकार किया है। महिला के पिता ने NDTV को बताया, “मैंने अपनी बेटी को खो दिया है। अब वे हमें बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। हम डरने वाले नहीं हैं। आरोप पूरी तरह से झूठे हैं। हमें किसी मुआवजे या किसी भी पैसे की जरूरत नहीं है। हमें न्याय चाहिए।”

 

6 महीने में 104 बार कॉल

एनडीटीवी के अनुसार बुधवार को मुख्य आरोपी संदीप और लड़की के भाई के बीच फोन कॉल्स को लेकर बड़ा खुलासा हुआ था। दोनों के बीच 13 अक्टूबर 2019 से मार्च 2020 तक 104 बार बातचीत हुई। पूरा कॉल ड्यूरेशन करीब 5 घंटे का है, जबकि दोनों के घर 200 मीटर की दूरी पर ही हैं। 62 कॉल संदीप ने तो 42 कॉल पीड़ित के भाई की तरफ से एक-दूसरे को किए गए। जांच में लगी टीम के सूत्रों का दावा है कि पीड़ित के भाई का फोन उसकी पत्नी इस्तेमाल करती थी। इसी फोन से पीड़ित और संदीप के बीच बातचीत का दावा किया जा रहा है। सीडीआर में दोनों के बीच बातचीत में करीब 60 कॉल रात के समय का होना पाया गया।

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