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पाकिस्‍तान के साथ गुप्त सूचना साझा करने के आरोप में एचएएल कर्मचारी गिरफ्तार

तर्कसंगत

October 9, 2020

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एक एचएएल (एचएएल) कर्मचारी को भारतीय लड़ाकू विमान और उनकी निर्माण इकाई, हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड नासिक से इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई), की गुप्त जानकारी पाकिस्‍तान खुफिया एजेंसी से साझा करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

महाराष्ट्र एटीएस ने आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद अदालत में पेश किया। जहां अदालत ने आरोपी को 10 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा है।

आरोपी की पहचान दीपक शिरसाठ(41) के रूप में हुई है। उससे पूछताछ से पता चलता है कि वह काफी समय से इंटर सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) के साथ लगातार संपर्क में था और भारतीय लड़ाकू विमानों, विमान निर्माण इकाई ओजर(नासिक), एयरबेस और विनिर्माण इकाई के अंदर के क्षेत्रों की खुफिया जानकारी आई.एस.आई. तक पहुंचा रहा था।

आरोपी के खिलाफ ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट, 1923 की धारा 3, 4 और 5 के तहत अपराध दर्ज किया गया है। इसके पास से पांच सिम कार्ड, तीन मोबाइल फोन और दो मेमोरी कार्ड जब्त किए गए हैं। सभी को फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला में जांच के लिए भेज दिया गया है।

शुक्रवार दोपहर आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे दस दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है। इस ऑपरेशन को एटीएस चीफ देवेन भारती, डीआईजी जयंत नाइकनवरे, एसपी रविंद्र सिंह परदेशी और डीसीपी डॉ. विनयकुमार राठौड़ के नेतृत्व में अंजाम दिया गया।

महाराष्ट्र पुलिस ने बताया कि लड़ाकू विमान संबंधी जानकारी पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई को देने के आरोप में हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) का कर्मी को गिरफ्तार गया है।

पुलिस के अनुसार एटीएस की कड़ी पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह लगातार पाकिस्तान की गुप्तचर एजेंसी आईएसआई के संपर्क में था। आरोपी ने यह भी बताया कि वह काफी दिनों से भारतीय फाइटर प्लेन और संवेदनशील जानकारियों के साथ-साथ हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड के एयरक्राफ्ट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की जानकारी आईएसआई को पहुंचाता रहा है।

गौरतलब है कि नासिक के ओझर में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड की शाखा है।

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