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स्वामित्व योजना है क्या? और ये किन किन लोगों के काम आएगी? यहाँ जान लीजिये

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Image Credits: NDTV

October 12, 2020

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकनायक जयप्रकाश नारायण और नानाजी देशमुख की जयंती पर स्वामित्व योजना की शुरुआत की है. पंचायतीराज मंत्रालय के तहत शुरू की गई इस योजना के जरिए 6 राज्यों की 763 पंचायतों के करीब एक लाख लोगों को फायदा मिलेगा. आने वाले वक्त में बाकी राज्यों और पंचायतों को इसमें जोड़ा जाएगा. स्वामित्व योजना, राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस यानी 24 अप्रैल 2020 को लॉन्च की गई थी.

 

क्या है स्वामित्व योजना ?

स्वामित्व योजना का पूरा पूरा नाम है सर्वे ऑफ विलेज एंड मेकिंग विद इम्प्रोवाइज्ड टेक्नोलॉजी इन इमेज एरियाज. SVAMITVA योजना का मकसद है कि ग्रामीण इलाकों की जमीनों का सीमांकन ड्रोन सर्वे टेक्‍नोलॉजी के जरिए हो. इससे ग्रामीण इलाकों मे मौजूद घरों के मालिकों के मालिकाना हक का एक रिकॉर्ड बनेगा। वह इसका इस्‍तेमाल बैंकों से कर्ज लेने के अलावा अन्‍य कामों में भी कर सकते हैं. आसान शब्दों में कहें तो गांव की सभी इमारतों, मकान, दुकान, जमीन, तलाब आदि का एक लेखा जोखा तैयार किया जाएगा.

 

 

इसकी ज़रूरत क्या है?

देश की 60% आबादी ग्रामीण इलाकों में रहती है. लेकिन अधिकतर ग्रामीणों के पास अपने घरों के मालिकाना हक के कागजात नहीं हैं. अंग्रेजों के समय से ही गांवों की खेतिहर जमीन का रिकॉर्ड तो रखा गया, लेकिन घरों पर ध्‍यान नहीं दिया गया. कई राज्‍यों में गांवों के रिहाइशी इलाकों का सर्वे और मैपिंग संपत्ति के सत्‍यापन के लिहाज से नहीं हुआ. नतीजा ये हुआ कि कई घरों के संपत्ति के कागजात मौजूद नहीं हैं. इसी कमी को दूर करने के लिए ‘स्‍वामित्‍व’ योजना लाई गई.

‘स्‍वामित्‍व’ योजना के तहत गांवों की आवासीय भूमि की पैमाइश ड्रोन के जरिए होगी. ड्रोन से गांवों की सीमा के भीतर आने वाली हर प्रॉपर्टी का एक डिजिटल नक्‍शा तैयार होगा. साथ ही हर रेवेन्‍यू ब्‍लॉक की सीमा भी तय होगी। यानी कौन सा घर कितने एरिया में है, यह ड्रोन टेक्‍नोलॉजी से सटीकता से मापा जा सकेगा। गांव के हर घर का प्रॉपर्टी कार्ड राज्‍य सरकारें बनाएंगी.

 

svamitva-news

 

प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने इस योजना को ग्रामीण भारत में बदलाव लाने वाली ऐतिहासिक पहल बताया है. सरकार की इस पहल से ग्रामीणों को अपनी जमीन और संपत्ति को एक वित्तीय संपत्ति के तौर पर इस्तेमाल करने की सुविधा मिलेगी जिसके एवज में वह बैंकों से कर्ज और दूसरा वित्तीय फायदा उठा सकेंगे. पीएमओ ने कहा कि इस कार्यक्रम की शुरूआत से करीब एक लाख संपत्ति मालिक अपनी संपत्ति से जुड़े कार्ड अपने मोबाइल फोन पर एसएमएस लिंक के जरिये डाउनलोड कर सकेंगे. इसके बाद संबंधित राज्य सरकारों द्वारा संपत्ति कार्ड का भौतिक वितरण किया जाएगा.

 

 

 

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