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पूर्व केंद्रीय मंत्री चिन्मयानंद पर रेप का आरोप लगाने वाली लॉ छात्रा ने अपना बयान बदल दिया है

तर्कसंगत

Image Credits: Cloudfront

October 14, 2020

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पूर्व गृह राज्यमंत्री चिन्मयानंद पर बलात्कार का आरोप लगाने वाली एलएलएम की छात्रा अपने आरोपों से मुकर गई है. मंगलवार को 23 वर्षीय छात्रा लखनऊ की विशेष MP-MLA अदालत में जज के सामने अपने पहले लगाए गए सभी आरोपों से मुकर गई. इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर लखनऊ के विशेष MP-MLA कोर्ट में इस मामले की सुनवाई हो रही है. शाहजहांपुर के इस मामले में गिरफ्तार होने के बाद चिन्मयानंद करीब पांच माह जेल में रहे थे.

 

छात्रा ने क्या कहा?

एनडीटीवी के अनुसार, छात्रा ने अदालत में कहा कि उसने कुछ शरारती तत्वों के दबाव में आकर चिन्मयानंद पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। छात्रा ने यह भी कहा कि पुलिस में शिकायत देते समय भी उस पर दबाव था। हालांकि, छात्रा ने उन शरारती तत्वों के बारे में नहीं बताया, जिनका जिक्र वह अपनी बातों में कर रही थी।

गौरतलब है कि छात्रा ने पिछले साल वीडियो जारी कर आपबीती दुनिया के सामने रखी थी।

क्या छात्रा ने कर लिया समझौता?

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकारी वकील ने बताया कि गवाही के दौरान छात्रा ने जान-बूझकर अपना बयान बदला है। छात्रा ने अभियुक्त के साथ समझौता कर लिया है। सरकारी वकील ने शिकायतकर्ता छात्रा को होस्टाइल करार देते हुए उनके खिलाफ CrPC की धारा 340 (झूठे दावे करना) के तहत कार्रवाई करने की अपील की है। अदालत ने इसे स्वीकार करते हुए छात्रा को नोटिस देकर जवाब दाखिल करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 15 अक्टूबर को होगी।

क्या था पूरा मामला?

पिछले साल 24 अगस्त को स्वामी शुकदेवानंद विधि महाविद्यालय में पढ़ने वाली एलएलएम की छात्रा ने एक वीडियो वायरल कर चिन्मयानंद पर यौन शोषण के गंभीर आरोप लगाए थे। यह डिग्री कॉलेज चिन्मयानंद का ही है। पीड़ित के पिता ने शाहजहांपुर स्थित कोतवाली में उनके विरुद्ध केस दर्ज कराया था। इसी मामले में चिन्मयानंद के वकील ओम सिंह ने एक अज्ञात मोबाइल नंबर से 5 करोड़ रुपए रंगदारी मांगने का केस दर्ज करा दिया था।

इस मामले की जांच के लिए यूपी सरकार ने SIT भी गठित की थी। इस मामले में 20 सितंबर 2019 में चिन्मयानंद की गिरफ़्तारी हुई थी। लगभग पांच महीने जेल में रहने के बाद चिन्मयानंद को तीन फरवरी 2020 को इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिली थी। चिन्यमयानंद के ख़िलाफ़ धारा 376C,354D,342,506 के तहत मुक़द्दमा चल रहा था। इस मामले में लगभग 33 गवाह और 29 दस्तावेज़ी साक्ष्य दाखिल किए गए थे।

मामले की जांच कर रही SIT ने रेप केस में चार्जशीट दायर की। वहीं दूसरी तरफ छात्रा और तीन अन्य के खिलाफ जबरन उगाही का मामला दर्ज करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया। दिसंबर में छात्रा को जमानत मिल गई थी।

भाजपा नेता और मुमुक्षु आश्रम के अधिष्ठाता स्वामी चिन्मयानंद तीन बार लोकसभा सांसद रह चुके हैं। इसके अलावा वह अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में राज्यमंत्री भी बनाए गए थे।

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