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पति ने पत्नी को साल भर से शौचालय में कर रखा था क़ैद, मानसिक स्थिति ठीक न होने का लगाया आरोप

तर्कसंगत

Image Credits: ANI/Twitter

October 15, 2020

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हरियाणा के पानीपत जिले के रिशपुर गाँव से एक महिला को उसके पति द्वारा एक साल से अधिक समय तक शौचालय के अंदर कैद कर रखा था। इसकी जानकारी मिलने पर महिला सुरक्षा और बाल विवाह निषेध अधिकारी रजनी गुप्ता ने अपनी टीम के साथ उसे बचाया. अधिकारी ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया कि उन्हें इस बारे में सूचना मिली थी, जिसके बाद अविलंब कार्रवाई करते हुए बुधवार को महिला को बचाया गया. इस बीच, पति ने दावा किया कि महिला मानसिक रूप से अस्थिर थी।

रजनी गुप्ता, जिन्होंने बचाव अभियान का नेतृत्व किया था ने मीडिया को कहा कि महिला मानसिक रूप से अस्थिर नहीं दिख रही थी और उसकी शारीरिक स्थिति बताती है कि उसे भूखा रखा गया है। “मुझे जानकारी मिली कि एक महिला को एक साल से अधिक समय से शौचालय में बंद थी। मैं अपनी टीम के साथ जब पहुंची, तो हमने पाया कि यह सच था। ऐसा लगता है कि महिला ने कई दिनों से कुछ नहीं खाया है”:।

उन्होनें  बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है।

 

पति का दावा

महिला के पति नरेश ने दावा किया कि दस साल पहले रामरति के पिता और भाई की मौत हो गई थी। उसके बाद से वह मानसिक बीमार हो गई थी। वह किसी को नुकसान न पहुंचाए और कहीं चली न जाए इसलिए उसने, रामरति को टॉइलट में बंद करके रखा था। हालांकि पति से जब रामरति के इलाज के कागज मांगे गए तो वह नहीं दिखा सका। पुलिस ने बताया कि आरोपी पति नरेश के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। रामरति को अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। हालांकि, महिला के पति ने दावा किया कि डॉक्टरों के पास ले जाने के बावजूद उसकी मानसिक स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है।

“वह मानसिक रूप से अस्थिर थी। हम उसे बाहर बैठने के लिए कहते हैं लेकिन वह वहां नहीं बैठती है।

गुप्ता ने कहा कि उन्होंने महिला से बात की थी महिला ठीक से उठ भी नहीं पा रही थी। टीम ने उसे उठाकर बाहर निकाला तो उसने खाने के लिए रोटी मांगी। उसे बाहर निकालकर नहलाया गया। साफ कपड़े पहनाए गए तो उसने चूड़ियां, बिंदी और लिप्स्टिक भी लगाने को मांगी। जिसके बाद उसे अच्छे से तैयार किया गया।

उन्होनें कहा “यह कहा जा रहा है कि वह मानसिक रूप से अस्थिर है, लेकिन यह सच नहीं है। हमने उससे बात की है और यह स्पष्ट था कि वह मानसिक रूप से अस्थिर नहीं है। हम इस बात की पुष्टि नहीं कर सकते कि वह मानसिक रूप से अस्थिर है या नहीं, लेकिन वह शौचालय में बंद थी। हमने उसे बचाया और उसके बाल धोए। हमने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस उसके मुताबिक कार्रवाई करेगी।”

चौंकाने वाली बता है कि अम्र उजाला के रिपोर्ट के अनुसार अधिकारी ने बताया कि महिला की 17 साल पहले शादी हुई थी। उसकी 15 वर्षीय बेटी है। एक बेटा 11 और दूसरा 13 साल का है। हैरानी की बात यह है कि पिता उनके सामने मां को पीटता था। भूखा- प्यासा टॉयलेट में बंद रखा था लेकिन उन्होंने कभी विरोध नहीं किया। न कभी किसी से शिकायत की।

बंधक बनाकर रखी गई महिला रामरती को पुलिस ने उसके चचेरे भाई, किवाना वासी विकास को सुपुर्द कर दिया।

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