ख़बरें

गोंडा पुजारी पर हमला : पुलिस के मुताबिक मंदिर के महंत और पुजारी ने खुद रची थी हमले की साजिश

तर्कसंगत

Image Credits: Twitter/GondaPolice

October 18, 2020

SHARES

उत्तर प्रदेश के गोंडा ज़िले में मंदिर के एक पुजारी पर जिस हमले के मामले ने तूल पकड़ा था और सरकार की तीखी आलोचना हो रही थी वह हमला दरअसल पुजारी ने ख़ुद से कराया था। उत्तर प्रदेश पुलिस ने यह दावा किया है। पुजारी ने ऐसा साज़िश के तहत अपने दुश्मन को फँसाने के लिए किया। यह हमला ज़मीन विवाद को लेकर किया गया।

इंडिया टुडे के अनुसार पुजारी पर गोली चलाने के इस मामले ने इसलिए काफ़ी तूल पकड़ लिया था क्योंकि हाल के दिनों में साधुओं पर हमले के मामले बढ़े हैं। इससे पहले राजस्थान के करौली में ज़मीन विवाद में पुजारी को ज़िंदा जला दिया गया था जिसमें साधु की मौत हो गई थी। बागपत शहर कोतवाली क्षेत्र में यमुना नदी से साधु का शव मिलने से सनसनी फैल गई थी। इस बीच जब गोंडा में मंदिर के पुजारी पर हमले की ख़बर आई तो इस पर हंगामा हो गया। अयोध्या से भी साधु-संत गोंडा में पहुँचे और हमलावरों के ख़िलाफ़ तुरंत कार्रवाई की माँग करने लगे थे।

वैसे, हाल के दिनों में उत्तर प्रदेश में जितनी अपराध की घटनाएँ बढ़ी हैं इससे सरकार की चौतरफ़ा आलोचना हो रही है। यह मामला थाना इटियाथोक के तिर्रेमनोरमा गाँव के श्रीरामजानकी मंदिर का है। पुजारी सम्राट दास को 10 अक्टूबर की रात बदमाशों ने गोली मार दी थी। इसमें वह घायल हो गए थे। हमले में घायल हुए पुजारी अतुल त्रिपाठी उर्फ सम्राट दास का लखनऊ के मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है। अब इस मामले में पुलिस ने शनिवार को मास्टर माइंड सहित सात अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि इस हमले की साज़िश को महंत सीताराम दास, गाँव के प्रधान और घायल हुए पुजारी ने मिलकर रचा था।

 

पुलिस की जांच में खुलासा

पुलिस अधीक्षक (एसपी) शैलेश कुमार पांडेय ने बताया कि उन्‍होंने अपर पुलिस अधीक्षक और क्षेत्राधिकारी के नेतृत्‍व में घटना की जांच के लिए पांच टीमें गठित की थीं।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि ग्राम तिर्रे मनोरमा में राम जानकी मंदिर की करीब 120 बीघा जमीन है, जिसको लेकर महंत सीताराम दास और पूर्व प्रधान अमर सिंह के बीच विवाद चल रहा है, मौजूदा ग्राम प्रधान विनय सिंह और पूर्व प्रधान के बीच प्रधानी की चुनावी रंजिश भी चल रही है। उन्‍होंने बताया कि महंत सीताराम दास और विनय सिंह ने आपस में योजना बनाई कि अगर किसी गंभीर मामले में फंसाकर अमर सिंह को जेल भिजवा दिया जाए, तो हम दोनों का रास्ता साफ हो जाएगा।

क्षेत्राधिकारी सदर लक्ष्मी कांत गौतम ने बताया कि घटना में नामजद होने की वजह से गिरफ्तार कर जेल भेजे गए दो आरोपियों को जेल से रिहा कराने की कार्रवाई शुरू की जाएगी. इसके अलावा अब तक गिरफ्तार नहीं किए गए पूर्व प्रधान अमर सिंह समेत दो लोगों की नामजदगी को निरस्त करते हुए उनका नाम भी मुकदमे से निकाल दिया जाएगा।

 

 

अपने विचारों को साझा करें

संबंधित लेख

लोड हो रहा है...