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दुर्गापूजा से ठीक पहले कोलकाता हाईकोर्ट ने ममता सरकार को ये आदेश देकर त्यौहार का मज़ा फीका कर दिया

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Image Credits: Aaj Tak

October 19, 2020

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पश्चिम बंगाल के सबसे बड़े त्योहार दुर्गा पूजा से तीन दिन पहले कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए कलकत्ता हाईकोर्ट ने सोमवार को बड़ा आदेश दिया है। हाईकोर्ट के अनुसार सभी दुर्गा पूजा पांडाल ‘नो एंट्री जोन’ होंगे और इनमें आम आदमी के प्रवेश पर पूरी तरह से रोक रहेगी। पांडाल में केवल आयोजक ही मौजूद रह सकेंगे।

एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार ममता बनर्जी सरकार को कलकत्ता उच्च न्यायालय ने झटका देते हुए दुर्गा पूजा कार्यक्रमों में जुटने वाली भारी भीड़ को नियंत्रित करने संबधी आदेश दिया है, इसके मुताबिक आयोजकों सहित केवल 25 लोगों को ही पंडाल में जाने की अनुमति दी जानी चाहिए। हाईकोर्ट ने ये भी कहा है कोरोना जैसी घातक बीमारी के प्रकोप के बीच राज्य सरकार की भीड़ को नियंत्रित करने की कोई फुलप्रूफ योजना नहीं है ऐसे में कोर्ट को ये कदम उठाना पड़ा है।

बता दें दुर्गा पूजा के राज्य का सबसे बड़ा त्योहार होने को देखते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पिछले महीने कोरोना वायरस को लॉकडाउन में डालकर दुर्गा पूजा आयोजित करने की घोषणा की थी।

कलकत्ता हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच की ओर से कहा गया है कि कोलकाता में 3000 से अधिक पंडालों में लोगों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त पुलिसकर्मी नहीं हैं।ऐसे में सभी बड़े पंडाल में 10 मीटर की दूरी पर तथा छोटे पंडाल में अधिकतम पांच मीटर की दूरी पर बेरिकेडिंग करनी होगी। आयोजक बेरिकेडिंग के जरिए ही आम लोगों को पांडाल में प्रवेश करने से रोक सकेंगे। हाईकोर्ट ने कहा कि त्योहार से पहले स्वास्थ्य जरूरी है।

पंडाल में केवल आयोजक ही प्रवेश कर सकते हैं पंडाल में जाने वालों के नामों को पंडाल के बाहर लटका दिया जाना चाहिए और केवल जिनके नाम हैं, वे प्रवेश कर सकते हैं। मैक्सिमम 25 सदस्यों को पंडाल परिसर में अनुमति दी गई है, साथ ही कहा गया है कि जाने वाले लोगों की संख्या को फिक्स करना होगा और हर रोज बदल नहीं सकते। हाईकोर्ट इस बात से निराश कि राज्य उनके द्वारा जारी दिशा-निर्देशों को लागू करने की योजना के साथ नहीं आया है।

वर्तमान में कोलकाता में कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। शहर में पिछले सप्ताह से शुरू हुई दुर्गा पूजा की खरीददारी के लिए बाजारों में लोगों की भीड़ उमड़ रही है। ऐसे में संक्रमण से बचाव के सभी उपाय हवा होते नजर आ रहे हैं। बजारों में लोग न तो सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर रहे हैं और ना ही मास्क पहन रहे हैं। इस स्थिति स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता को बढ़ा दिया है ।

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