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NCRB की रिपोर्ट के अनुसार 57 फीसदी मामलों में शादी का झांसा देकर दुष्कर्म किया गया

तर्कसंगत

October 22, 2020

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देश में महिलाओं के खिलाफ अपराधों में बढ़ोतरी अब ज़्यादा चौंकाने वाली बात रही नहीं है. चौंकाने वाले बात यह है कि दुष्कर्म के अधिकतर मामलों में पीड़िता को शादी का झांसा देकर वारदात करने की बात सामने आई है। ये बात NCRB की रिपोर्ट में जा कर पता चली है. साल 2019 में उत्तर प्रदेश में काफी संख्या में इस तरह के अपराध हुए हैं। वहां दुष्कर्म के कुल मामलों में से 57 प्रतिशत शादी का झांसा देकर ही किए गए थे।

टाइम्स ऑफ़ इंडिया के अनुसार NCRB के आंकड़ों के अनुसार साल 2019 में उत्तर प्रदेश में दुष्कर्म के कुल 3,065 मामले दर्ज किए गए थे। इनमें से 18 प्रतिशत यानी 551 मामले दलित महिलाओं के खिलाफ थे। इस हिसाब से राज्य में प्रतिदिन आठ महिलाएं दुष्कर्म का शिकार हुई थी।

इस रिपोर्ट पर मीडिया से बात करते हुए उत्तर प्रदेश के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADG) आशुतोष पांडे ने बताया कि NCRB के आंकड़ों का विश्लेषण करने पर पता चलता है कि राज्य में हुए कुल दुष्कर्म के मामलों में से 37 प्रतिशत में पीड़िताओं ने आरोपियों की पहचान की है, जबकि छह प्रतिशत मामलों में आरोपी अज्ञात रहे हैं।

इसके उलट 57 प्रतिशत मामलों में आरोपी पीड़िताओं के परिचित निकले हैं और उन्होंने शादी का झूठा वादा कर वारदातों को अंजाम दिया है।

उन्होनें सलाह दी कि यदि कोई परिचित दुष्कर्म जैसा जघन्य अपराध करता है तो पीड़िताओं को चुप्पी साधने की जगह उनके खिलाफ शिकायत दर्ज करानी चाहिए। इससे आरोपियों को सजा दिलाने में मदद मिलेगी और समाज में संदेश भी पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि महिलाओं को उनकी सुरक्षा के लिए बने नियम और कानूनों के बारे में भी जागरूक किया जाना चाहिए। राज्य सरकार ‘मिशन शक्ति’ के तहत ऐसा ही जागरुकता कार्यक्रम चला रही है।

अच्छी बात ये भी है कि महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वाले सबसे ज्यादा आरोपियों को उत्तर प्रदेश में ही सजा मिली है। उन्होंने कहा कि मामलों के निस्तारण में अभियोजन पक्ष के बेहतरीन प्रायासों की बदौलत आरोपियों को जल्द ही न्यायालयों में दोषी ठहरा दिया जाता है। यही कारण है कि पिछले साल उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा 55 प्रतिशत आरोपियों को सजा मिली है। उसके बाद उत्तराखंड (50 प्रतिशत) और राजस्थान (45.5 प्रतिशत) का नंबर आता है।

नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो की ओर से गत 30 सितंबर को जारी किए गए साल 2019 के आपराधिक आंकड़ों के अनुसार देश में महिलाओं के खिलाफ अपराधों में 7.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।

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