महिला के दरवाज़े पर पेशाब करने वाले डॉक्टर और ABVP के राष्ट्रीय अध्यक्ष AIIMS बोर्ड में नियुक्त abvp subbiah shanmugam

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महिला के दरवाज़े पर पेशाब करने वाले डॉक्टर और ABVP के राष्ट्रीय अध्यक्ष AIIMS बोर्ड में नियुक्त

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Image Credits: NDTV

October 30, 2020

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महिलाओं का सम्मान करने की बात कहने वाली केंद्र सरकार इस बात पर अमल भी करती है या नहीं. यह सवाल इसलिए पूछा गया है क्योंकि केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सुब्बैया शणमुगम (Subbiah Shanmugam) को बुजुर्ग महिला के उत्पीड़न का आरोपी होने के बाद भी सम्मानित पद पर नियुक्त किया है.

केंद्र सरकार ने डॉ. सुब्बैया शणमुगम को ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइसेंस (AIIMS) मदुरै के बोर्ड का सदस्य बनाया है। विपक्ष ने सरकार के इस फ़ैसले की तीख़ी आलोचना की है.

डॉक्टर शणमुगम ने NDTV से बातचीत में कहा, ‘मैंने कोई अपराध नहीं किया है. आरोप मामूली हैं. ये अपॉइन्टमेंट पूरी तरह से मेरी शैक्षणिक योग्यता के आधार पर किया गया है. मैं पहले से अन्य AIIMS और IIT का सदस्य हूं.’

 

मामला क्या था?

सुब्बैया जिस बिल्डिंग में रहते हैं, इस साल जुलाई में उसी बिल्डिंग में रहने वाली एक 62 वर्षीय महिला ने उन पर उत्पीड़न के साथ उनके दरवाजे पर पेशाब करने और सर्जिकल मास्क फेंकने का आरोप लगाया था. यह घटना हाउसिंग सोसायटी में पार्किंग की जगह को लेकर हुई थी. महिला ने पार्किंग की जो जगह खरीदी थी सुब्बैया उसे इस्तेमाल करते थे और महिला उनसे पैसा मांग रही थीं.

हालांकि, इस मामले में तब तक एफआईआर नहीं दर्ज किया जा सका जब तक कि महिला के भतीजे और स्टैंडअप कॉमेडियन बालाजी विजयराघवन ने यह दावा करते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट नहीं किया कि पुलिस उनकी आंटी की मदद नहीं कर रही है.

मदुरई के अदमबक्कम पुलिस स्टेशन में 11 जुलाई को दर्ज कराई गई अपनी शिकायत में महिला ने सीसीटीवी फुटेज और फोटो भी अटैच किया था जिनमें कथित तौर पर देखा गया था कि एबीवीपी नेता उनके दरवाजे पर पेशाब कर रहे थे.

हालांकि, सुब्बैया ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा था कि फुटेज से छेड़छाड़ की गई है.

वीसीके नेता और सांसद डी. रविकुमार ने इसे महिलाओं का अपमान बताया तो माकपा सांसद वेंकटेशन ने पूछा कि क्या यह उनके दुर्व्यवहार का इनाम है.

डीएमके की सांसद कनिमोई ने ट्वीट कर कहा है कि वह डॉ. सुब्बैया की नियुक्ति से हैरान हैं. उन्होंने पूछा है कि क्या यह अभद्र बर्ताव का समर्थन है और क्या बीजेपी के दूसरे कार्यकर्ताओं को ऐसा करने के लिए प्रोत्साहन है.

 

 

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