सप्रेक

‘जब भी जीवन में मुश्किलें आएं तो निराश होने की जगह उन मुश्किलों को अपनी परिस्थिति के अनुकूल बना ले’

तर्कसंगत

Image Credits: newindianexpress

October 30, 2020

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हममें से कई लोगों की  जिंदगी में अनेकों ख्वाहिश होती है जैसे विदेश यात्रा पर  जाना और अलग-अलग चीजें करने की कोशिश करना, लेकिन  कट्टकडा निवासी श्रीदेवी टी की ख्वाइश 36 वर्ष की आयु से पहले सरकारी नौकरी मिल जाना थी.

न्यू इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक श्रीदेवी इस साल 37 साल की हो गईं. हालांकि वह अपने सपने को पूरा नहीं कर सकीं लेकिन उन्होंने को 74 कौशल में प प्रशिक्षण हासिल किया है, ट्रैक्टर चलाने से लेकर नारियल के पेड़ पर चढ़ने तक  हर चीज उन्होंने सफलतापूर्वक किया है कठिनाइयों का सामना करते हुए और आर्थिक रूप से वंचित होते हुए भी.

“मेरी माँ के मानसिक रूप से अस्थिर हो जाने के बाद मेरे पिता ने परिवार को छोड़ दिया। हालाँकि मैंने हाई स्कूल की पढ़ाई पूरी कर ली थी, लेकिन मैंने आर्थिक संकट के कारण अपनी पढ़ाई बंद कर दी और अपनी माँ और बहन की देखभाल करने के लिए घर पर ही रहने लगी। ”

श्रीदेवी ने 18 साल की उम्र में शादी कर ली, लेकिन बाद में उन्हें यह पता चला कि उनके पति शराबी थे।

यह महसूस करते हुए कि उनके ऊपर  ( उनकी माँ और दो बच्चों) की देखभाल की जिम्मेदारी है, उन्होंने ताड़ के पत्तों से बने मटके बना कर ,बेचने शुरू कर दिए। चूंकि आमदनी पर्याप्त नहीं थी, इसलिए गुजर बसर करने के लिए काजू की फैक्ट्री में काम करना, कपड़े की दुकान में काम करना, मछली और मुर्गी पालन , ट्रैक्टर चलाना और ऑटोरिक्शा चलाना सहित अन्य काम किए। 

उसी दौरान, श्रीदेवी ने नारियल के विकास बोर्ड के तहत एक समूह Thenginte Changathikoottam  (फ्रेंड्स ऑफ़ कोकोनट ट्रीज़) के बारे में सुना, जिसमें महिलाओं को नारियल के पेड़ पर चढ़ने का प्रशिक्षण दिया जाता है। इसके बाद, वह अपने क्षेत्र की एकमात्र महिला थीं, जिन्होंने इसे सीखने और इसके द्वारा पैसे कमाने का साहस किया। वह कहती हैं, “वेल्लायमबलम और पेरोर्कडा के लोग अपने नारियल के पेड़ों पर चढ़ने के लिए मुझसे संपर्क करते हैं।”

एक नई शुरुआत

कुदुम्बश्री के साथ श्रीदेवी को काम करते  हुए चार साल हो चुके हैं। “सुबह 3 बजे, मैं अपनी टीम के पुरुषों के साथ आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए निकलती हूँ,” वह कहती हैं। उनकी टीम ने जिले में किए गए पशु जन्म नियंत्रण कार्यक्रम के तहत 5,000 आवारा कुत्तों को पकड़ा है।  लॉकडाउन अवधि के दौरान, उपशिक्षा केरलम कार्यक्रम के तहत, कट्टकड़ा कृषि भवन ने श्रीदेवी को छह प्रतिशत भूमि में उनकी अनोखे कृषि गतिविधियों के लिए ‘बेस्ट फार्मर’ का पुरस्कार दिया।

मछली की खेती , 100 बटेरों और 50 अलग-अलग किस्मों के देशी चिकन से लेकर, श्रीदेवी ने खरगोशों और सूअरों को पालना भी सीखा है।

उन्हें आर्यनद सुरेश और प्रताप सच्‍ची द्वारा सांपों को पकड़ने के लिए प्रशिक्षित किया गया है, जो सर्प पार्क, पूजापुरा में काम करते हैं, प्रशिक्षण के दौरान रहे उनके साथी साकिर हुसैन, हाल ही में मर गए।  उन्होंने 30 विषैले सांप पकड़े हैं और कोट्टूर वन कार्यालय रेंज में अपना नाम दर्ज कराया है। वह अब एक लाइसेंस की प्रतीक्षा कर रही है जिसके बाद वह सांपों को पकड़ने के लिए अधिक महिलाओं को प्रशिक्षित करने की उम्मीद करती है।

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