अहमदाबाद, लखनऊ और मेंगलुरु एयरपोर्ट अडानी के हुए मिली 50 साल की लीज lucknow mangalore ahmedabad

ख़बरें

अहमदाबाद, लखनऊ और मेंगलुरु एयरपोर्ट अडानी के हुए मिली 50 साल की लीज

तर्कसंगत

Image Credits: Twitter

November 3, 2020

SHARES

भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (Airports Authority of India) ने रविवार मध्यरात्रि से लखनऊ हवाईअड्डा (Lucknow Airport) 50 साल के पट्टे पर अडाणी समूह (Adani Group) को सौंप दिया. इससे पहले 30 अक्टूबर की मध्यरात्रि से एएआई मंगलुरू (Mangalore) हवाईअड्डे को भी इसी समूह को सौंप चुकी है. एएआई ने ट्वीट कर जानकारी दी, ‘दो नवंबर 2020 को एएआई के वरिष्ठ अधिकारियों ने अडाणी समूह के साथ सहमति ज्ञापन पत्र पर हस्ताक्षर कर लखनऊ हवाईअड्डा समूह को सौंपा.’

अडाणी समूह अगले 50 सालों तक करेगी देखभाल

केंद्र सरकार ने फरवरी 2019 में देश के छह प्रमुख हवाईअड्डे लखनऊ, अहमदाबाद, जयपुर, मंगलुरू, तिरुवनंतपुरम और गुवाहाटी का विशेष व्यवस्था के तहत निजीकरण किया. प्रतिस्पर्धी बोलियां लगाकर अडाणी समूह ने इन सभी हवाईअड्डों को 50 साल चलाने के अधिकार हासिल किया. एएआई ने 22 अक्टूबर को एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा था कि अडाणी समूह को मंगलुरू, लखनऊ और अहमदाबाद हवाई अड्डे क्रमश: 31 अक्टूबर, दो नवंबर और 11 नवंबर को सौंप दिए जाएंगे.

इन हवाईअड्डों के परिचालन के समझौतों पर दोनों पक्षों के बीच 14 फरवरी को हस्ताक्षर किए गए थे. तीन अन्य हवाईअड्डे जयपुर, गुवाहाटी और तिरुवनंतपुरम के लिए छूट समझौतों पर दोनों पक्षों ने सितंबर में हस्ताक्षर किए थे.

वित्तीय मामलों में अडानी ग्रुप का होगा अधिकार

गौरतलब है कि 2 नवम्बर से लखनऊ के चौधरी चरण सिंह हवाई अड्डे का पूरा कामकाज अडानी ग्रुप ने संभाल लिया. रविवार रात 12 बजे तक सभी औपचारिकतायें पूरी कर ली गई. इसके बाद सोमवार से लखनऊ के अमौसी एयरपोर्ट का संचालन अडानी ग्रुप ने अपने हाथ में ले लिया. एयरपोर्ट के प्रबंधन से लेकर वित्तीय मामलों में अडानी ग्रुप के अधिकारी ही फैसले लेंगे.

बता दें कि अडानी ग्रुप के पास इस एयरपोर्ट हित देश के और 5 एयरपोर्ट की जिम्मेदारी अगले 50 साल तक होगी. 34 साल पुराने लखनऊ हवाई अड्डे को सरकारी और खास उद्योगपतियों के इस्तेमाल के लिए सन 1986 में बनाया गया था. जबकि 17 जुलाई 2008 को इस एयरपोर्ट को यात्रियों के लिए शुरू किया गया. उसके बाद मई 2012 में लखनऊ एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय स्तर का दर्जा मिला. आज लगभग 160 से अधिक विमानों का यहां से संचालन होता है और 55 लाख से अधिक यात्री सालाना यहां से सफर करते हैं.

अपने विचारों को साझा करें

संबंधित लेख

लोड हो रहा है...