मंदिर में नमाज पढ़ने को लेकर 4 के खिलाफ FIR दर्ज, पुलिस ने किया एक को गिरफ्तार Nandbaba Nand Mahal Temple

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मंदिर में नमाज पढ़ने को लेकर 4 के खिलाफ FIR दर्ज, पुलिस ने किया एक को गिरफ्तार 

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Image Credits: indiatvnews

November 4, 2020

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नंदगांव (Nandgaon) के नंदबाबा मंदिर (Nandbaba Nand Mahal Temple) में कथित तौर पर धोखे से नमाज अदा करने वाले दो मुस्लिम युवाओं के खिलाफ यूपी पुलिस ने हिन्दू संगठनों की शिकायत पर एफ़आईआर दर्ज की है।

आरोप है कि 29 अक्टूबर को मथुरा के नंद बाबा मंदिर परिसर में चार लोग आए। इनमें से दो लोगों ने मंदिर के सेवायतों को गुमराह कर मंदिर परिसर में ही नमाज पढ़ी। मंदिर प्रबंधन का कहना है कि दिल्ली से दो लोग मंदिर में आए थे। उन्होंने बिना अनुमति के मंदिर में नमाज अदा की और तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी डालीं।

इस मामले में सेवायत ने फैजल खान, चांद मोहम्मद, आलोक रत्न और नीलेश गुप्ता के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। शुरुआती पूछताछ में पुलिस को पता चला है कि मंदिर में नमाज पढ़ने वाले दिल्ली की खुदाई खिदमतगार संस्था के लोग हैं।

खुदाई खिदमतगार, जिसका अर्थ है  “भगवान के सेवक”, ये स्वतंत्रता सेनानी अब्दुल गफ्फार खान के नेतृत्व में ब्रिटिश राज के विरोध में शुरू की गयी संस्था है। अब्दुल गफ्फार खान, पश्तून के रहने वाले थे जिन्होंने भारत की आजादी के लिए लड़ाई लड़ी, उन्हें “फ्रंटियर गांधी” के नाम से जाना जाता था। दिल्ली स्थित संगठन अब फैज़ल खान द्वारा चलाया जाता है।

बरसाना थाने में मंदिर के सेवायत कान्हा गोस्वामी द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपी मोहम्मद चांद समते चार युवकों के खिलाफ 153-A, 295, 505 के तहत बरसाना थाने में मुकदमा दर्ज किया है। साथ ही एसएसपी गौरव ग्रोवर ने इस पूरे प्रकरण की जांच खुफिया विभाग को भी सौंपी है।

हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक पुलिस ने बताया कि , ‘आरोपियों ने सांप्रदायिक सौहार्द और धार्मिक सहिष्णुता फैलाने के लिए 26 से 29 अक्टूबर के बीच 84 कोस ब्रज परिक्रमा भी की थी.’ स्थानीय लोगो की मान्यता है कि ये परिक्रमा करने से भगवान श्री कृष्ण प्रसन्न होते हैं. लोगों ने ये भी बताया कि फैज़ल खान को हिन्दू धर्म और ग्रंथो की भी समझ है, तुलसीदास कृत रामचरितमानस की चौपाइयां भी भली भांति याद रखे हुए है और लोगन को सुनाता है।

एफआईआर में कहा गया है कि इनको फोटो डालने से हिन्दू समुदाय की भावनाएं आहत हुई हैं और आस्था को गहरी ठेस पहुंची है। आरोप लगाया गया है कि ये लोग मंदिर के फोटो का दुरुपयोग ना करें और कहीं इन्हें विदेशी संगठनों से फंडिंग तो नहीं हो रही है।

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